प्रेग्नेंट होने के बाद भी पीरियड आता है क्या यह सवाल बहुत आम है। सीधा जवाब है: नहीं, सच्चा पीरियड प्रेगनेंसी के दौरान नहीं आता। पीरियड इसलिए रुक जाता है क्योंकि गर्भ ठहरने के बाद शरीर बच्चे को बढ़ाने पर फोकस करता है और गर्भाशय की परत (uterine lining) बनी रहती है, जो सामान्य पीरियड में निकल जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो सकती है, जिसे कई बार लोग पीरियड समझ लेते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
मां बनने की शुरुआत अक्सर बहुत हल्के और समझ में न आने वाले संकेतों से होती है। कई महिलाएं जानना चाहती हैं कि प्रेगनेंसी के लक्षण कितने दिन में दीखते है और क्या बिना टेस्ट के भी इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। सच यह है कि हर महिला का शरीर अलग होता है, लेकिन गर्भधारण के बाद कुछ सामान्य बदलाव जल्दी महसूस होने लगते हैं। कई बार ये संकेत इतने हल्के होते हैं कि महिलाएं उन्हें सामान्य थकान या हार्मोनल बदलाव समझ लेती हैं। यही कारण है कि शुरुआती दिनों में प्रेगनेंसी पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
प्रेग्नेंट होना एक महिला के जीवन का बेहद खास और भावनात्मक अनुभव होता है। कई बार महिलाएं शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों से यह अंदाजा लगाने लगती हैं कि वे गर्भवती हैं या नहीं। सही समय पर प्रेग्नेंट होने के लक्षण को पहचानना बहुत जरूरी होता है, ताकि समय पर देखभाल शुरू की जा सके और मां व शिशु दोनों स्वस्थ रहें।
Pregnancy can be a beautiful experience, but it can accompany numerous physical phenomena that can confuse and alarm expectant mothers. One among them, especially during the last few months, would be False Labour Pain. Many would wrongly assume that labor has started when they experience contractions, thereby creating unnecessary tension and anxiety as they visit the hospital. Awareness about what constitutes false labor pain and how it can be identified would certainly help them stay uninflamed and ready for the actual delivery.
प्रेगनेंसी का दूसरा महीना बहुत ही संवेदनशील माना जाता है। इस समय भ्रूण तेजी से विकसित हो रहा होता है और महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव चरम पर होते हैं। ऐसे में अगर ब्लीडिंग दिखाई दे, तो घबराहट होना स्वाभाविक है। कई महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि क्या यह सामान्य है या किसी गंभीर समस्या का संकेत।
Pregnancy is a period when every result, as well as every report, is important. Among these important pregnancy screenings is the double marker test in pregnancy, which is recommended during early pregnancy. The Double Marker Test in Pregnancy The Double Marker Test in pregnancy is an important screening.
पहली प्रेगनेंसी के बाद जब महिला दूसरी बार गर्भवती होती है, तो उसका अनुभव पहले से काफी अलग हो सकता है। कई महिलाओं को ऐसा लगता है कि इस बार शरीर बहुत जल्दी संकेत देने लगता है। दरअसल, शरीर पहले ही एक बार गर्भावस्था से गुजर चुका होता है, इसलिए हार्मोनल बदलाव और शारीरिक प्रतिक्रियाएं ज्यादा तेज़ी से दिखाई देती हैं। यही वजह है कि दूसरी गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण अक्सर पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्ट और जल्दी समझ में आ जाते हैं।

