गर्भावस्था का 9वां महीना हर महिला के लिए खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान माँ और बच्चा दोनों डिलीवरी के लिए तैयार होते हैं। गर्भवती महिला के शरीर में कई बदलाव और 9 महीने में डिलीवरी लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जो बताते हैं कि प्रसव का समय नज़दीक है। अगर इन लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए तो प्रसव की तैयारी आसान हो जाती है और माँ-बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान माँ और शिशु दोनों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। गर्भावस्था में डिलीवरी सही समय पर होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर जल्दी डिलीवरी (Preterm Delivery) हो जाए तो यह माँ और बच्चे दोनों के लिए कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।
आजकल हर महिला के लिए यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि गर्भधारण के संदेह में प्रेगनेंसी टेस्ट कब और कैसे किया जाए। सही समय और सही तरीका अपनाने से न केवल परिणाम सटीक मिलते हैं, बल्कि मन में उत्पन्न होने वाली कई शंकाएं भी दूर हो जाती हैं। कई बार महिलाएं बिना सही जानकारी के जल्दी टेस्ट कर लेती हैं, जिससे फॉल्स नेगेटिव रिजल्ट आने की संभावना बढ़ जाती है।

