महिलाओं के लिए पीरियड्स का समय पर आना सेहत का एक अहम संकेत होता है। जब 1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें, यह सवाल मन में चिंता, डर और कई तरह की आशंकाएं पैदा कर देता है। खासकर तब, जब पीरियड्स आमतौर पर नियमित रहते हों।
पीरियड बंद होना यानी मेनोपॉज़, महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक हिस्सा है। आमतौर पर यह 45–55 साल की उम्र में होता है, लेकिन कभी-कभी यह जल्दी या देर से भी हो सकता है। इस समय शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। पीरियड बंद होने के बाद क्या होता है यह जानना हर महिला के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चरण जीवन में नई चुनौतियाँ और बदलाव लेकर आता है।
Polycystic Ovary Disease (PCOD) affects many women and can lead to hormonal imbalance, irregular periods, acne, weight gain, fatigue, and even fertility challenges. A proper PCOD Diet Chart plays a crucial role in managing these symptoms effectively. The right diet not only helps regulate hormones but also supports healthy weight management, improves energy levels, and promotes fertility.
महिलाओं में बिना पीरियड ब्लीडिंग अनुभवित करने का कारण विभिन्न हो सकते हैं। कभी-कभी यह सामान्य वजह से होता है, वहीं, यह किसी भी गंभीर संक्रामक आजादी के संकेत की भी सक्षमता है। कई महिलाएं स्पॉटिंग को हल्का गर्मी या थकान का नतीजा मानती हैं जो उन्हें नज़र अंदाज़ कर देती है। जबकि, यदि यह बार-बार हो रहा है, तो इसे देखना चाहिए।
हर महिला के लिए माँ बनना एक अद्भुत और भावनात्मक अनुभव होता है। लेकिन डिलीवरी के बाद शरीर में कई शारीरिक और हॉर्मोनल बदलाव आते हैं, जिनका असर मासिक धर्म यानी पीरियड्स पर भी पड़ता है। अक्सर नई माताओं के मन में सवाल उठता है कि डिलीवरी के कितने दिन बाद पीरियड आता है और क्या स्तनपान कराने से इसमें कोई फर्क पड़ता है।

