गर्भावस्था का चौथा महीना हर मां के लिए एक उत्साहभरा और भावनात्मक समय होता है। इस दौरान भ्रूण अब नन्हे बच्चे का रूप लेने लगता है, जिसकी हर हलचल मां को महसूस होने लगती है। यह वह समय होता है जब मां को खुद पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है, क्योंकि बच्चे का विकास अब तेजी से होने लगता है।
गर्भावस्था के दौरान माँ को पहली बार जब गर्भ में शिशु की हलचल महसूस होती है, तो यह एक बेहद खास और भावनात्मक अनुभव होता है। यह पल माँ के लिए यादगार होता है और शिशु के स्वास्थ्य की जानकारी भी देता है। कभी-कभी हलचल के पैटर्न को लेकर माँ चिंतित हो सकती है, जैसे शिशु बहुत ज्यादा हिल रहा है या कम मूवमेंट हो रही है।
गर्भावस्था एक अद्भुत यात्रा होती है, जिसमें माँ और शिशु का आपसी जुड़ाव दिन-ब-दिन गहरा होता जाता है। कई शोध यह बताते हैं कि गर्भ में बच्चा माँ की आवाज़ सुन सकता है? और माँ की भावनाओं को महसूस कर सकता है। शिशु के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए यह जानना जरूरी है कि गर्भ में रहते हुए वह बाहरी दुनिया को कितना समझ पाता है।
गर्भावस्था एक अद्भुत सफर होता है, जिसमें माँ के गर्भ में शिशु का धीरे-धीरे विकास होता है। हर हफ्ते नए बदलाव आते हैं, और शिशु की बढ़त (ग्रोथ) और विकास के अलग-अलग चरण होते हैं। इस गाइड में हम गर्भावस्था में शिशु का विकास हफ्ते-दर-हफ्ते देखेंगे, ताकि आप समझ सकें कि बेबी डेवलपमेंट इन वूम्ब कैसे होता है।

