आज के समय में महिलाओं की बदलती जीवनशैली, खानपान और तनाव के कारण हार्मोनल समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है PCOD (Polycystic Ovarian Disease)। यह समस्या न सिर्फ पीरियड्स को प्रभावित करती है, बल्कि वजन बढ़ने, स्किन प्रॉब्लम्स, मानसिक स्वास्थ्य और गर्भधारण पर भी गहरा असर डाल सकती है।
आजकल महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है। अनियमित लाइफस्टाइल, देर रात तक जागना, गलत खानपान और लगातार मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। पीसीओडी में महिलाओं की ओवरी ठीक से काम नहीं कर पाती, जिसके कारण हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है और शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं।
आज के समय में पीसीओडी (Polycystic Ovarian Disease) महिलाओं में बहुत आम समस्या बन चुकी है। यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी एक स्थिति है जिसमें अंडाशय (ovaries) में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं, जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है। नतीजा यह होता है कि मासिक धर्म यानी पीरियड्स अनियमित या कई बार महीनों तक बंद हो […]
आज के समय में पीसीओडी (Polycystic Ovary Disorder) महिलाओं में सबसे आम हार्मोनल समस्याओं में से एक बन चुकी है। यह रोग शरीर में हार्मोन के असंतुलन के कारण होता है, जो ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट्स बनने का कारण बनता है। इससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, वजन बढ़ने लगता है और चेहरे पर पिंपल्स या अनचाहे बाल आने लगते हैं। अगर इसे समय रहते न समझा जाए तो यह गर्भधारण में कठिनाई या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
पीसीओडी (Polycystic Ovary Disease) महिलाओं में एक आम हार्मोनल समस्या है, जो मासिक धर्म, वजन और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। सही आहार और जीवनशैली अपनाकर पीसीओडी के लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस ब्लॉग में हम बताएंगे पीसीओडी में क्या खाना चाहिए (pcos me kya khana chahiye) और किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए, साथ ही विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी देंगे।

