अक्सर महिलाएं इस दर्द को देखकर डर जाती हैं, लेकिन हर बार यह किसी खतरे का संकेत नहीं होता। जैसे-जैसे बच्चा जन्म के लिए नीचे की ओर आता है, शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसी समय कई 9 महीने में डिलीवरी लक्षण भी दिखने लगते हैं, जैसे कमर दर्द, पेल्विक प्रेशर, थकान और पेट के नीचे खिंचाव। इन संकेतों को समझना बहुत जरूरी है ताकि सही समय पर सही निर्णय लिया जा सके।
9वें महीने की प्रेगनेंसी में पेट दर्द के कारण
9वें महीने की प्रेगनेंसी में पेट दर्द के कारण एक नहीं बल्कि कई हो सकते हैं। इस समय गर्भाशय अपने अधिकतम आकार में होता है और बच्चे का वजन भी काफी बढ़ चुका होता है, जिससे पेट के निचले हिस्से पर लगातार दबाव बना रहता है।
इसके अलावा हार्मोनल बदलाव भी पेट दर्द का एक बड़ा कारण होते हैं। हार्मोन रिलैक्सिन मांसपेशियों और लिगामेंट्स को ढीला करता है ताकि डिलीवरी के समय शरीर को सहूलियत मिले। यही कारण है कि खड़े होने, चलने या करवट बदलने पर दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है।
कुछ महिलाओं में पहले से हार्मोनल समस्याएं होती हैं, जैसे PCOD। ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में दर्द और असहजता ज्यादा हो सकती है। अगर आप विस्तार से जानना चाहें कि pcod kya hai, तो इससे जुड़ी जानकारी प्रेगनेंसी के दौरान सही देखभाल में मदद कर सकती है।
बच्चेदानी में खिंचाव से होने वाला दर्द
नौवें महीने में बच्चेदानी में खिंचाव से होने वाला दर्द सबसे आम कारणों में से एक है। जैसे-जैसे बच्चा जन्म नली की ओर नीचे आता है, गर्भाशय और आसपास की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
यह दर्द आमतौर पर:
- लंबे समय तक खड़े रहने पर
- ज्यादा चलने के बाद
- दिन के अंत में थकान के साथ
ज्यादा महसूस होता है। हल्का आराम, करवट लेकर लेटना और सही पॉश्चर अपनाने से इस दर्द में काफी राहत मिल सकती है। जब तक यह दर्द असहनीय न हो और इसके साथ ब्लीडिंग या तेज ऐंठन न हो, तब तक इसे सामान्य माना जाता है।
डिलीवरी से पहले पेट के नीचे दर्द
डिलीवरी से पहले पेट के नीचे दर्द इस बात का संकेत हो सकता है कि बच्चा अब पेल्विक एरिया में सही पोजिशन में आ चुका है। इस स्थिति को “बेबी ड्रॉप” कहा जाता है। इससे ऊपर का पेट थोड़ा हल्का महसूस होता है, लेकिन नीचे की ओर भारीपन और दबाव बढ़ जाता है।
इस समय कई महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की समस्या, चलने में असहजता और नीचे की ओर खिंचाव महसूस होता है। ऐसे में अक्सर मन में सवाल आता है कि 9 महीने में डिलीवरी कब हो सकती है, क्योंकि इस तरह के लक्षण डिलीवरी के करीब आने का संकेत देते हैं। हालांकि, डिलीवरी का सही समय डॉक्टर की जांच और शरीर की स्थिति पर निर्भर करता है।
9 महीने में लेबर पेन के शुरुआती संकेत
9 महीने में लेबर पेन के शुरुआती संकेत शुरुआत में हल्के लग सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी तीव्रता बढ़ती जाती है। कई बार महिलाएं इन्हें सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
लेबर पेन की पहचान यह है कि:
- दर्द नियमित अंतराल पर आता है
- हर बार दर्द पहले से ज्यादा तेज होता है
- पेट के साथ कमर और जांघों में भी दर्द महसूस होता है
इसके साथ म्यूकस डिस्चार्ज, पानी जैसा रिसाव या हल्की ब्लीडिंग भी हो सकती है। ऐसे संकेत मिलने पर देर किए बिना अस्पताल जाने की तैयारी करनी चाहिए।
प्रेगनेंसी में झूठी दर्द और असली दर्द का फर्क
नौवें महीने में प्रेगनेंसी में झूठी दर्द और असली दर्द का फर्क समझना बेहद जरूरी है। झूठी दर्द को Braxton Hicks कहा जाता है, जो शरीर की एक तरह की तैयारी होती है।
झूठी दर्द आमतौर पर अनियमित होती है और आराम करने, पानी पीने या पोजिशन बदलने से कम हो जाती है। इसके विपरीत, असली लेबर पेन नियमित होता है, समय के साथ तेज होता जाता है और आराम करने से भी नहीं रुकता। इस फर्क को पहचानना मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
9 Month Pregnancy में पेट दर्द कब नॉर्मल होता है
9 Month Pregnancy में पेट दर्द कब नॉर्मल होता है, यह जानना गर्भवती महिला के लिए मानसिक राहत देता है। हल्का दर्द, खिंचाव या नीचे की ओर दबाव आमतौर पर नॉर्मल माना जाता है, खासकर तब जब बच्चे की मूवमेंट सामान्य हो।
लेकिन अगर दर्द बहुत तेज हो, लंबे समय तक बना रहे, साथ में ब्लीडिंग, तेज बुखार, चक्कर या बच्चे की हलचल कम लगे, तो यह सामान्य नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष
9 Month Pregnancy में पेट के निचले हिस्से में दर्द अक्सर शरीर के प्राकृतिक बदलावों और डिलीवरी की तैयारी का हिस्सा होता है। हालांकि हर दर्द को हल्के में लेना भी सही नहीं है। सही जानकारी, शरीर के संकेतों की समझ और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस अंतिम चरण को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ पार किया जा सकता है। मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए सतर्क रहना सबसे जरूरी है।


