साथ ही, डिलीवरी के बाद सही पोषण अपनाने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, टिश्यू जल्दी ठीक होते हैं और मां मानसिक रूप से भी स्वस्थ महसूस करती है। खासकर पहली बार मां बनने वाली महिलाओं के लिए यह जानकारी बेहद उपयोगी है, क्योंकि शुरुआती दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
डिलीवरी के 1 महीने बाद क्या खाना चाहिए?
डिलीवरी के पहले महीने में मां का शरीर बेहद संवेदनशील होता है। इसलिए ऐसी चीजें खानी चाहिए जो पचने में आसान हों, ऊर्जा बढ़ाएं, खून की कमी पूरी करें और स्तनपान के लिए आवश्यक पोषक तत्व दें।
इस दौरान लिए जाने वाले भोजन में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और विटामिन-मिनरल्स भरपूर मात्रा में होने चाहिए। साथ ही, हल्का और बार-बार खाना खाने की आदत डालें ताकि पेट पर भार न पड़े और भूख बढ़े।
इस समय नई मां की डाइट पूरी तरह पौष्टिक और संतुलित होनी चाहिए ताकि रिकवरी तेज़ी से हो सके। हाइड्रेशन भी बहुत जरूरी है, इसलिए पर्याप्त पानी और हेल्दी ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी, जूस या हल्का सूप लें।
यदि आप जानना चाहती हैं कि गर्भावस्था के पहले महीने में क्या खाना चाहिए, तो इसके लिए यह लिंक देखें:
👉 1 महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए
1. ऊर्जा बढ़ाने वाले आसान-पचने वाले खाद्य पदार्थ
डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है, इसलिए ऐसे भोजन लेने चाहिए जो पाचन तंत्र पर भार न डालें।
• गर्म खिचड़ी या दलिया
हल्की खिचड़ी या दालिया पेट पर हल्का होता है और ऊर्जा देता है। यह पोस्टपार्टम रिकवरी फूड का अहम हिस्सा है। इसमें आप हल्की सब्जियां और थोड़ी घी मिलाकर स्वाद और पोषण बढ़ा सकते हैं।
• मूंग दाल का सूप
मूंग दाल हल्की, प्रोटीन से भरपूर और आसानी से पच जाती है। यह नॉर्मल डिलीवरी और सी-सेक्शन दोनों में फायदेमंद है। रोज़ाना सूप लेने से शरीर की हाइड्रेशन बनी रहती है और कमजोरी कम होती है।
इसके साथ ही, हल्का फल जैसे केला, पपीता या सेब भी एनर्जी बढ़ाने में मदद करते हैं।
2. प्रोटीन से भरपूर फूड मांसपेशियों की रिकवरी के लिए
डिलीवरी के बाद शरीर की मांसपेशियों और टिश्यू को दोबारा मजबूत होने के लिए प्रोटीन जरूरी है।
- दालें
- पनीर
- दही
- अंडे (सी-सेक्शन में गैस न बनने पर)
- चिकन सूप (नॉनवेज खाने वाली महिलाओं के लिए)
ये सभी चीजें डिलीवरी बाद पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रोटीन से रिकवरी तेज होती है और शरीर में कमजोरी कम होती है। साथ ही, यह स्तनपान के दौरान दूध की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।
3. आयरन और कैल्शियम से भरपूर भोजन
डिलीवरी के दौरान ज्यादातर महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। इसलिए आयरन जरूरी है। साथ ही, स्तनपान के दौरान कैल्शियम की जरूरत भी बढ़ जाती है।
क्या खाएं?
- गुड़ और तिल
- पालक, मेथी, सरसों
- सूखे मेवे
- दूध और दही
- बाजरा और रागी
ये सभी चीजें हड्डियों और खून दोनों को मजबूत करती हैं। आयरन खून की कमी पूरी करता है और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। विटामिन C वाले फल जैसे संतरा और अमरूद आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करते हैं।
यदि इस दौरान ब्लीडिंग का अनुभव हो, तो इसे गंभीरता से लें:
👉 1 महीने की प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना
4. सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए?
सी-सेक्शन डिलीवरी में टांके होते हैं, इसलिए ऐसी चीजें खानी चाहिए जो घाव भरने में मदद करें।
सी-सेक्शन में फायदेमंद फूड:
- नारियल पानी
- हल्का दलिया
- प्रोटीन-युक्त सूप
- विटामिन-C वाली चीजें (नींबू पानी, संतरा, पपीता)
- हल्दी वाला दूध
ये टिश्यू रिपेयर में मदद करते हैं, इंफेक्शन के खतरे को कम करते हैं और कमजोरी जल्दी दूर करते हैं। साथ ही, हल्का और पौष्टिक भोजन खाने से पेट भी आराम महसूस करता है।
5. नॉर्मल डिलीवरी डाइट तेज़ रिकवरी के लिए
जो महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी कराती हैं, उन्हें पेल्विक एरिया की कमजोरी, दर्द और ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है। इसलिए उनकी नॉर्मल डिलीवरी डाइट में पौष्टिक और हल्की चीजें होनी चाहिए।
नॉर्मल डिलीवरी में क्या खाएं?
- देसी घी की थोड़ी मात्रा (ऊर्जा और रिकवरी के लिए)
- पनीर / दाल
- हल्का गर्म पानी
- रागी का दलिया
- प्रोटीन-युक्त खुराक
इससे ब्लीडिंग कम होती है, ऊर्जा बढ़ती है और शरीर जल्दी सामान्य स्थिति में आता है।
6. स्तनपान कराने वाली मां की डाइट
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां को प्रतिदिन 450–500 अतिरिक्त कैलोरी की जरूरत होती है। इसलिए ऐसी चीजें खाएं जो दूध बढ़ाने में मदद करें।
दूध बढ़ाने वाले फूड:
- मेथी के लड्डू
- सौंफ वाला पानी
- जीरा पानी
- गोंद के लड्डू
- ओट्स
- काजू, बादाम, अखरोट
ये बच्चे की ग्रोथ और मां की ताकत दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए पानी और हल्के जूस लेना न भूलें।
7. किन चीजों से बचना चाहिए?
डिलीवरी के बाद पहले महीने में निम्न चीजें न खाएं:
- बहुत तली-भुनी चीजें
- ज्यादा मसाले
- चाय/कॉफी का अधिक सेवन
- कोल्ड ड्रिंक्स
- गैस बनाने वाली चीजें (राजमा, छोले, काबुली चना सी-सेक्शन में विशेष रूप से)
- जंक फूड
ये चीजें गैस, कब्ज और पेट दर्द बढ़ा सकती हैं। हल्का, घर का बना और पौष्टिक भोजन सबसे अच्छा विकल्प है।
निष्कर्ष
डिलीवरी के 1 महीने बाद खान-पान बेहद खास होता है। सही डिलीवरी बाद डाइट अपनाने से शरीर की रिकवरी तेजी से होती है, कमजोरी दूर होती है और स्तनपान भी बेहतर होता है। चाहे नॉर्मल डिलीवरी हो या सी-सेक्शन, भोजन हमेशा हल्का, पौष्टिक और घर का बना होना चाहिए। प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर डाइट लेने से मां जल्दी स्वस्थ होती है और बच्चे को भी पर्याप्त पोषण मिलता है।
साथ ही, हल्की और संतुलित डाइट के साथ पर्याप्त नींद, हाइड्रेशन और छोटे-छोटे भोजन लेने की आदत रिकवरी को और बेहतर बनाती है। यह न केवल मां की ऊर्जा बढ़ाता है बल्कि बच्चे की सेहत और विकास के लिए भी जरूरी है।


