अक्सर महिलाएं इस दर्द को सहती रहती हैं या तुरंत पेनकिलर ले लेती हैं। हालांकि बार-बार दवाइयों का सेवन शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ऐसे में अगर सुरक्षित और आसान घरेलू उपायों से राहत मिल जाए, तो यह शरीर के लिए ज्यादा बेहतर होता है। इसी वजह से पीरियड में पेट दर्द का घरेलू उपाय जानना हर महिला के लिए जरूरी है।
garbhaavastha.in पर इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि पीरियड के दौरान पेट दर्द क्यों होता है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और किन घरेलू तरीकों से इस दर्द को कम किया जा सकता है।
पीरियड में पेट दर्द क्यों होता है?
पीरियड में पेट दर्द मुख्य रूप से गर्भाशय की मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण होता है। जब मासिक धर्म शुरू होता है, तो गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस प्रक्रिया में पेट के निचले हिस्से में दर्द और खिंचाव महसूस होता है।
इसके अलावा हार्मोन प्रोस्टाग्लैंडिन की अधिक मात्रा भी दर्द को बढ़ा सकती है। यह हार्मोन गर्भाशय को संकुचित करता है, जिससे ऐंठन ज्यादा होती है। जिन महिलाओं में यह हार्मोन ज्यादा बनता है, उन्हें पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है।
कई बार थकान, तनाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान भी दर्द को बढ़ा देते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड से जुड़ी अन्य समस्याएं भी देखी जाती हैं, जैसे कि बिना पीरियड के ब्लीडिंग होना, जो हार्मोनल गड़बड़ी या किसी अंदरूनी कारण का संकेत हो सकता है।
मासिक धर्म दर्द कारण समझना क्यों जरूरी है
मासिक धर्म दर्द कारण को समझना इसलिए जरूरी है ताकि यह तय किया जा सके कि दर्द सामान्य है या किसी समस्या का संकेत। हर महिला के शरीर की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए दर्द का स्तर भी अलग-अलग हो सकता है।
अगर दर्द सिर्फ 1–2 दिन तक रहता है और हल्का या मध्यम है, तो यह आमतौर पर सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर दर्द हर महीने बहुत ज्यादा हो, लंबे समय तक बना रहे या रोजमर्रा के कामों में रुकावट डाले, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार पीरियड्स का दर्द अन्य हार्मोनल बदलावों या प्रेगनेंसी से जुड़ी उलझनों से भी जुड़ा हो सकता है, जैसे पीरियड मिस होने के 7 दिन बाद शरीर में होने वाले लक्षण। इसलिए सही कारण जानना बेहद जरूरी होता है।
पीरियड में पेट दर्द का घरेलू उपाय
यदि आप दवाइयों से दर्द नदी करना चाहती हैं, तो कुछ घरेलू उपाय अपनाने से लाभ हो सकता है। ये उपाय शारीरिक और असुष्ट में कुछ नुकसान नहीं करते हैं । पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की बोटल और हीटिंग पैड लगाने से मांसपेशियां रिलाक्स होती हैं और ऐंठन कम होती है। यह सबसे मुश्किल और स्लो घरेलू उपायों में से एक रूप है।
हल्की एक्सरसाइज, वॉक या योगासन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे पीरियड दर्द से राहत मिलती है। अदरक की चाय, गुनगुना पानी या हल्का सूप पीना भी शरीर को अंदर से आराम देता है। इन उपायों को अपनाते समय शरीर की जरूरतों को समझना जरूरी है और जबरदस्ती खुद को थकाने से बचना चाहिए।
मासिक धर्म में ऐंठन कम करने के प्राकृतिक तरीके
मासिक धर्म में ऐंठन के दौरान शरीर ज्यादा संवेदनशील होता है। इस समय खुद की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत या मानसिक तनाव दर्द को और बढ़ा सकता है।
संतुलित और हल्का भोजन लेना, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी पीना शरीर को मजबूत बनाए रखता है। नमक और तले-भुने खाने से दूरी बनाना भी ऐंठन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा गहरी सांस लेना, मेडिटेशन या हल्का स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियां ढीली पड़ती हैं और दर्द की तीव्रता कम होती है। नियमित रूप से इन आदतों को अपनाने से हर महीने दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है।
पीरियड दर्द घरेलू तरीके जो हर महिला अपनाए
पीरियड दर्द घरेलू तरीके न केवल दर्द से राहत दिलाते हैं, बल्कि शरीर को पीरियड्स के लिए बेहतर तरीके से तैयार भी करते हैं। सही दिनचर्या और खानपान से हार्मोन संतुलन में रहते हैं। घर का बना सादा भोजन, समय पर खाना और पर्याप्त नींद लेना पीरियड्स के दौरान बहुत जरूरी होता है। साथ ही खुद को दोष देने या चिड़चिड़ापन महसूस करने की बजाय खुद को आराम देना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
कई बार महिलाएं पीरियड्स से जुड़े लक्षणों को प्रेगनेंसी के संकेतों से भी जोड़कर समझना चाहती हैं, जैसे पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद उल्टी लगती है, इसलिए सही जानकारी होना जरूरी है।
पीरियड के समय दर्द में क्या करें और क्या न करें
पीरियड के समय दर्द होने पर सही आदतें अपनाने से काफी फर्क पड़ता है। इस समय शरीर को समझना और उसकी जरूरतों का ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है।
क्या करें:
- पर्याप्त आराम करें और नींद पूरी लें
- शरीर और पेट को गर्म रखें
- हल्का, पौष्टिक और ताजा भोजन लें
- जरूरत पड़ने पर हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें
क्या न करें:
- बहुत ठंडा या ज्यादा मसालेदार खाना न खाएं
- जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन न करें
- दर्द को नजरअंदाज करके खुद पर दबाव न डालें
इन बातों का ध्यान रखने से दर्द को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
पीरियड के दौरान पेट दर्द होना आम बात है, लेकिन इसे चुपचाप सहते रहना जरूरी नहीं है। सही जानकारी, संतुलित जीवनशैली और पीरियड में पेट दर्द का घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
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