कुछ महिलाओं को इस समय असहजता, कमजोरी या मूड स्विंग्स महसूस होते हैं, जबकि कुछ को कोई खास परेशानी नहीं होती। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि हर महिला का अनुभव अलग होता है। पार्टनर के साथ खुलकर बात करना और सहमति (consent) को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी कदम है। इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान हार्मोन स्तर में बदलाव होते हैं, जिससे इमोशनल संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है। ऐसे में भावनात्मक जुड़ाव और समझदारी शारीरिक संबंध से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।

पीरियड्स के दौरान संबंध बनाना सुरक्षित है या नहीं

मेडिकल दृष्टि से देखा जाए तो ज्यादातर मामलों में पीरियड्स के दौरान संबंध बनाना सुरक्षित हो सकता है, बशर्ते दोनों पार्टनर स्वस्थ हों और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाए जाएं।

मासिक धर्म के समय गर्भाशय ग्रीवा (cervix) थोड़ी खुली होती है, जिससे बैक्टीरिया के अंदर जाने की संभावना सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी बढ़ सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर स्वच्छता और प्रोटेक्शन पर विशेष जोर देते हैं। अगर किसी महिला को पहले से असामान्य दर्द या शरीर में बदलाव दिख रहे हों, तो उन्हें पहले यह समझना चाहिए कि ये सामान्य पीरियड आने के संकेत हैं या किसी समस्या का संकेत।

अगर महिला को बुखार, तेज पेट दर्द या बदबूदार डिस्चार्ज हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है और इस दौरान संबंध बनाने से बचना चाहिए। सुरक्षित रहने के लिए कंडोम का इस्तेमाल हमेशा बेहतर विकल्प होता है।

मासिक धर्म में सेक्स के फायदे

कई महिलाओं के लिए इस दौरान संबंध बनाना कुछ शारीरिक और मानसिक फायदे भी दे सकता है।

संभावित फायदे:
✔️ ऑर्गैज़्म के दौरान निकलने वाले एंडोर्फिन दर्द कम करने में मदद कर सकते हैं
✔️ पीरियड क्रैम्प्स में राहत मिल सकती है
✔️ तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद
✔️ नींद बेहतर आ सकती है
✔️ कुछ मामलों में ब्लीडिंग जल्दी खत्म होने में सहायक

इसके अलावा, शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड फ्लो पेल्विक क्षेत्र में दबाव को कम कर सकता है जिससे भारीपन कम महसूस होता है। हालांकि हर महिला को ये फायदे महसूस हों, यह जरूरी नहीं। अगर शरीर पहले से बहुत कमजोर महसूस कर रहा हो या ब्लीडिंग बहुत हल्की हो, तो इसके पीछे के कारण समझना जरूरी है, क्योंकि बहुत हल्का मासिक धर्म भी आगे चलकर पीरियड कम आने के नुकसान से जुड़ा हो सकता है।

पीरियड्स में सेक्स के नुकसान

जहां फायदे हो सकते हैं, वहीं कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं।

संभावित नुकसान:
❌ संक्रमण (इन्फेक्शन) का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है
❌ गंदगी और असहजता महसूस हो सकती है
❌ कुछ महिलाओं को दर्द या ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है
❌ थकान के कारण अनुभव असुविधाजनक हो सकता है

कभी-कभी गर्भाशय पहले से ही संवेदनशील होता है, जिससे गहराई वाले संबंध दर्द बढ़ा सकते हैं। अगर पहले से पीठ दर्द, पेट दर्द या कमजोरी हो तो आराम को प्राथमिकता देना बेहतर है। शरीर को जबरदस्ती परफॉर्म करने की जरूरत नहीं होती।

पीरियड के समय प्रेग्नेंसी की संभावना

बहुत से लोग मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण संभव नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।

शुक्राणु महिला शरीर में 3–5 दिन तक जीवित रह सकते हैं। अगर किसी महिला का साइकिल छोटा है और ओव्यूलेशन जल्दी हो जाता है, तो पीरियड्स के आखिरी दिनों में बनाए गए संबंध से गर्भधारण की संभावना बन सकती है। कभी-कभी महिलाएं शुरुआती गर्भावस्था के लक्षणों को पीरियड समझ लेती हैं, इसलिए यह जानना भी जरूरी है कि पीरियड आने से पहले प्रेगनेंसी के लक्षण क्या हो सकते हैं।

इसलिए यदि गर्भधारण से बचना है, तो सुरक्षा का उपयोग करना जरूरी है। सिर्फ “सेफ डेज़” पर भरोसा करना हमेशा भरोसेमंद तरीका नहीं होता।

पीरियड्स में इन्फेक्शन से बचाव

मासिक धर्म के दौरान शरीर संक्रमण के प्रति थोड़ा अधिक संवेदनशील हो सकता है। इसलिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

  • संबंध से पहले और बाद में साफ-सफाई रखें
  • कंडोम का उपयोग करें
  • बहुत ज्यादा ब्लीडिंग वाले दिनों में परहेज करें
  • अगर किसी पार्टनर को यौन संक्रमण (STI) हो, तो संबंध न बनाएं
  • उपयोग किए गए कपड़े या पैड समय पर बदलें

साफ हाथ, साफ बिस्तर और व्यक्तिगत स्वच्छता संक्रमण रोकने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। किसी भी तरह की जलन, खुजली या असामान्य गंध नजर आए तो जांच करवाना जरूरी है।

मासिक धर्म के दौरान सेफ सेक्स टिप्स

अगर कपल्स इस समय संबंध बनाने का निर्णय लेते हैं, तो कुछ practical बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

✔️ गहरे रंग का तौलिया या चादर इस्तेमाल करें
✔️ पहले से पैड या टैम्पोन हटा दें
✔️ हल्के और आरामदायक पोज़िशन चुनें
✔️ बाद में गुनगुने पानी से सफाई करें
✔️ कंडोम का उपयोग संक्रमण और प्रेग्नेंसी दोनों से बचाव करता है

इसके अलावा, पहले से बातचीत कर लें कि दोनों पार्टनर सहज हैं या नहीं। अगर किसी को असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाना ही सही निर्णय है।

निष्कर्ष

तो सवाल “पीरियड्स में सेक्स कर सकते है” का जवाब है हां, लेकिन सावधानियों के साथ। यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है और इसमें स्वच्छता, सुरक्षा और दोनों पार्टनर की सहमति सबसे ज्यादा मायने रखती है।

हर महिला का अनुभव अलग होता है, इसलिए शरीर की सुनना सबसे जरूरी है। सही जानकारी, खुली बातचीत और सेफ्टी उपाय अपनाकर इस समय भी स्वस्थ और सुरक्षित संबंध बनाए जा सकते हैं। अगर कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर विकल्प है।