संभोग के दौरान या बाद में हल्का खून दिखना हमेशा गंभीर नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। शरीर के संकेतों को समझना और समय पर सही कदम उठाना महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। कई बार महिलाएं इसे शर्म या झिझक की वजह से छिपाती रहती हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है। सही जानकारी होने से डर कम होता है और सही समय पर इलाज संभव हो पाता है।

संभोग के बाद रक्तस्राव के कारण

संभोग के बाद रक्तस्राव के कारण कई हो सकते हैं, और ये उम्र, हार्मोन स्तर और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करते हैं। कभी-कभी यह मामूली होता है, तो कभी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ स्थितियों में यह समस्या बिना पीरियड के ब्लीडिंग होना जैसी अन्य स्त्री रोग संबंधी स्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है।

मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  • योनि या सर्विक्स में हल्की चोट
  • संक्रमण या सूजन
  • हार्मोनल बदलाव
  • गर्भनिरोधक दवाओं का असर
  • गर्भाशय या सर्विक्स से जुड़ी समस्या

इसके अलावा, बहुत तेज या असहज संबंध बनाने से भी अंदरूनी ऊतकों में खिंचाव आ सकता है। कुछ महिलाओं में सर्विक्स अधिक संवेदनशील होता है, जिससे हल्का संपर्क भी रक्तस्राव करा सकता है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो पेल्विक अल्ट्रासाउंड या पैप स्मीयर टेस्ट की सलाह दी जा सकती है।

इंटरकोर्स के दौरान दर्द और ब्लीडिंग

कई महिलाओं को इंटरकोर्स के दौरान दर्द और ब्लीडिंग का अनुभव होता है। यह अक्सर योनि में सूखापन, पर्याप्त उत्तेजना की कमी या शारीरिक असहजता के कारण हो सकता है। मानसिक तनाव भी शरीर की प्रतिक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे संबंध के दौरान असहजता बढ़ सकती है।

दर्द के साथ ब्लीडिंग होने पर यह संकेत हो सकता है कि योनि की अंदरूनी परत में खिंचाव या हल्की चोट लगी है। अगर महिला को प्रेग्नेंसी की शुरुआत में ऐसा अनुभव हो, तो स्थिति को हल्के में न लें। शुरुआती गर्भावस्था में ब्लीडिंग के बारे में जानकारी के लिए आप यह भी पढ़ सकते हैं – 1 महीने की प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग

अगर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो एंडोमेट्रियोसिस या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) जैसी स्थितियों की जांच भी जरूरी हो सकती है। डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ अल्ट्रासाउंड या लैब टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।

सर्विक्स की समस्या के लक्षण

कभी-कभी सर्विक्स की समस्या के लक्षण भी सेक्स के दौरान ब्लीडिंग का कारण बन सकते हैं। सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) बहुत संवेदनशील हिस्सा होता है, और इसमें संक्रमण, सूजन या घाव होने पर हल्का संपर्क भी ब्लीडिंग कर सकता है।

सर्विक्स से जुड़ी समस्याओं के अन्य लक्षण हो सकते हैं:

  • असामान्य योनि स्राव
  • पेल्विक दर्द
  • पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग
  • सेक्स के बाद बार-बार रक्तस्राव

कुछ मामलों में सर्वाइकल पॉलीप या सर्वाइकल इरोशन जैसी स्थितियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। ये अक्सर साधारण इलाज से ठीक हो जाती हैं, लेकिन समय पर पहचान जरूरी है। अगर महिला गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में है और ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें – 2 महीने की प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग

योनि में सूखापन और चोट

योनि में सूखापन और चोट भी सेक्स करते समय ब्लीडिंग का एक आम कारण है, खासकर उन महिलाओं में जिनमें हार्मोनल बदलाव हो रहे हों, जैसे स्तनपान के दौरान या मेनोपॉज के करीब।

सूखापन की वजह से योनि की त्वचा पतली और संवेदनशील हो जाती है, जिससे संबंध बनाते समय हल्की खरोंच या कट लग सकता है। इससे हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। कई बार कुछ दवाएं, जैसे एंटीडिप्रेसेंट या हार्मोनल दवाएं, भी योनि में सूखापन बढ़ा सकती हैं।

इससे बचने के लिए:

  • पानी आधारित लुब्रिकेंट का उपयोग करें
  • जल्दबाजी से बचें
  • शरीर के संकेतों को समझें
  • संबंध से पहले पर्याप्त फोरप्ले करें

अगर सूखापन लगातार बना रहे, तो डॉक्टर हार्मोनल क्रीम, जेल या अन्य उपचार सुझा सकते हैं।

सेक्स के बाद इन्फेक्शन के संकेत

कभी-कभी सेक्स के बाद इन्फेक्शन के संकेत भी ब्लीडिंग के साथ दिखाई दे सकते हैं। बैक्टीरियल, फंगल या यौन संचारित संक्रमण (STIs) योनि और सर्विक्स में सूजन पैदा कर सकते हैं।

संक्रमण के सामान्य संकेत:

  • दुर्गंध वाला स्राव
  • जलन या खुजली
  • पेशाब के समय दर्द
  • पेल्विक दर्द
  • सेक्स के बाद ब्लीडिंग

अगर संक्रमण का इलाज समय पर न हो, तो यह गर्भाशय और फेलोपियन ट्यूब तक फैल सकता है। इसलिए बार-बार होने वाली असामान्य ब्लीडिंग को हल्के में लेना सही नहीं है। डॉक्टर जांच के बाद एंटीबायोटिक या एंटिफंगल दवा दे सकते हैं।

कब स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें

यह समझना बहुत जरूरी है कि कब स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। हर हल्की ब्लीडिंग गंभीर नहीं होती, लेकिन कुछ संकेत तुरंत मेडिकल सलाह की मांग करते हैं।

डॉक्टर से जरूर मिलें अगर:

  • हर बार सेक्स के बाद ब्लीडिंग हो
  • तेज दर्द या पेट में ऐंठन हो
  • पीरियड्स के अलावा भी बार-बार खून आए
  • दुर्गंध या असामान्य डिस्चार्ज हो
  • आप गर्भवती हों या प्रेग्नेंसी की संभावना हो

साथ ही, 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराते रहना चाहिए। शुरुआती जांच से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है और मन की चिंता भी कम होती है।

निष्कर्ष

सेक्स करते समय ब्लीडिंग का आना (sex krte time blood ka aana) हमेशा घबराने की बात नहीं है, लेकिन इसे अनदेखा भी नहीं करना चाहिए। कभी यह साधारण सूखापन या हल्की चोट से होता है, तो कभी संक्रमण या सर्विक्स की समस्या का संकेत हो सकता है।

अपने शरीर के संकेतों को समझें, दर्द या बार-बार होने वाली ब्लीडिंग को नजरअंदाज न करें, और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर ध्यान देना ही महिला स्वास्थ्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। जागरूकता और खुलकर बातचीत ही इस तरह की समस्याओं से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है।