हालांकि यह समझना जरूरी है कि हर महिला का शरीर अलग होता है और घरेलू नुस्खों का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता। किसी को जल्दी असर दिख सकता है, तो किसी को बिल्कुल भी फर्क महसूस नहीं होता। उम्र, लाइफस्टाइल, खानपान, तनाव और हार्मोनल बैलेंस जैसे कई कारण पीरियड साइकिल को प्रभावित करते हैं। इसलिए हल्दी को इलाज नहीं, बल्कि एक सहायक उपाय की तरह अपनाना चाहिए और बार-बार पीरियड लेट होने पर सही कारण जानना जरूरी होता है।
हल्दी से पीरियड लाने का तरीका
हल्दी से पीरियड लाने का तरीका आमतौर पर हल्दी को गुनगुने दूध या पानी में मिलाकर पीने से जुड़ा होता है। माना जाता है कि हल्दी शरीर में हल्की गर्मी पैदा करती है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और गर्भाशय की मांसपेशियां एक्टिव हो सकती हैं। इसके अलावा हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेल्विक एरिया में सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं।
कैसे सेवन करें (सुरक्षित मात्रा):
- 1 गिलास गुनगुना दूध या पानी लें
- उसमें ½ चम्मच हल्दी मिलाएं
- रात को सोने से पहले या सुबह खाली पेट पिएं
- 2–3 दिन से ज्यादा लगातार न लें
हल्दी का असर धीरे-धीरे होता है। कुछ महिलाओं में 24–72 घंटे में हल्का असर दिख सकता है, जबकि कुछ में कोई फर्क नहीं पड़ता। ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा हल्दी लेने से पेट खराब हो सकता है। अगर पीरियड बार-बार हार्मोनल समस्या या PCOD की वजह से लेट होता है, तो सिर्फ घरेलू उपाय काफी नहीं होते। ऐसी स्थिति में आप यह गाइड भी देख सकती हैं: पीसीओडी में पीरियड कैसे लाए
हल्दी दूध पीने से पीरियड आता है क्या
यह सवाल बहुत कॉमन है कि हल्दी दूध पीने से पीरियड आता है क्या। इसका जवाब है कुछ मामलों में हां, लेकिन यह सभी के लिए काम करेगा, यह जरूरी नहीं है। हल्दी दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है, नींद बेहतर होती है और मांसपेशियों का तनाव कम होता है। कई बार स्ट्रेस और थकान की वजह से पीरियड लेट हो जाता है, ऐसे में हल्दी दूध अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर सकता है।
इसके अलावा, हल्दी दूध इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है। अगर आपकी बॉडी कमजोर है या बार-बार बीमार पड़ने की वजह से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ा हुआ है, तो हल्दी दूध से ओवरऑल हेल्थ में सुधार हो सकता है। हालांकि अगर पीरियड लेट होने की वजह थायरॉइड, PCOS या किसी मेडिकल कंडीशन से जुड़ी है, तो सिर्फ हल्दी दूध पीने से पीरियड आना मुश्किल होता है।
पीरियड देर से आने के घरेलू उपाय
पीरियड देर से आने के घरेलू उपाय में हल्दी के साथ-साथ कुछ और प्राकृतिक तरीके भी अपनाए जाते हैं। इन उपायों का मकसद शरीर को अंदर से एक्टिव करना और हार्मोनल सिस्टम को सपोर्ट करना होता है।
कुछ असरदार घरेलू उपाय:
- अदरक की चाय (शरीर में गर्माहट बढ़ाने में मददगार)
- तिल और गुड़ का सेवन (आयरन और ऊर्जा देता है)
- दालचीनी पानी (ब्लड सर्कुलेशन सपोर्ट करता है)
- हल्की एक्सरसाइज या योग (पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाता है)
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग
अगर आपका पीरियड मिस हुए 7 दिन हो चुके हैं और अब भी नहीं आया है, तो आगे क्या करना चाहिए, यह यहाँ डिटेल में बताया गया है: पीरियड मिस होने के 7 दिन बाद
इन घरेलू उपायों को अपनाते समय यह भी ध्यान रखें कि एक साथ बहुत सारे नुस्खे ट्राई न करें। शरीर को समय दें और अपने साइकिल को समझें।
पीरियड लेट होने के कारण
पीरियड लेट होने के कारण समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि बार-बार पीरियड लेट होना किसी अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। कई बार महिलाएं इसे नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा होना फर्टिलिटी पर भी असर डाल सकता है।
आम कारण:
- ज्यादा मानसिक तनाव और एंग्जायटी
- वजन तेजी से बढ़ना या कम होना
- हार्मोनल असंतुलन
- थायरॉइड की समस्या
- PCOS
- प्रेगनेंसी
कई महिलाओं को कन्फ्यूजन होता है कि लक्षण पीरियड के हैं या प्रेगनेंसी के। जैसे हल्का पेट दर्द, मूड स्विंग्स और थकान दोनों में हो सकती है। अगर आप भी कन्फ्यूज़ हैं, तो यह गाइड आपकी मदद करेगी: पीरियड आने से पहले प्रेगनेंसी के लक्षण
पीरियड लाने के प्राकृतिक तरीके
पीरियड लाने के प्राकृतिक तरीके सिर्फ घरेलू नुस्खों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल से भी जुड़े होते हैं। सही दिनचर्या अपनाने से हार्मोन बैलेंस बेहतर होता है और पीरियड समय पर आने की संभावना बढ़ती है।
- रोज 20–30 मिनट वॉक करें या हल्की स्ट्रेचिंग करें
- ज्यादा तला-भुना और जंक फूड कम करें
- पानी ज्यादा पिएं ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो
- 7–8 घंटे की नींद लें
- कैफीन और स्मोकिंग से दूरी रखें
- आयरन और फोलिक एसिड युक्त आहार लें
ये आदतें लंबे समय में पीरियड साइकिल को रेगुलर रखने में मदद करती हैं और बार-बार पीरियड लेट होने की समस्या को कम कर सकती हैं।
पीरियड लाने के उपाय सुरक्षित हैं या नहीं
कई महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि पीरियड लाने के उपाय सुरक्षित हैं या नहीं। सीमित मात्रा में घरेलू उपाय आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन इन्हें बार-बार या ज्यादा मात्रा में करना नुकसानदायक हो सकता है।
हल्दी ज्यादा लेने से हो सकते हैं:
- पेट में जलन या एसिडिटी
- मतली या उल्टी
- लो ब्लड प्रेशर
- कुछ मामलों में एलर्जी या स्किन रैश
अगर आपको बार-बार पीरियड लेट होने की समस्या रहती है, बहुत ज्यादा दर्द होता है, ब्लीडिंग अनियमित है या 2–3 महीने तक पीरियड नहीं आता, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है। मेडिकल जांच से असली वजह पता चलती है और सही इलाज मिल पाता है।
निष्कर्ष
पीरियड लाने का उपाय हल्दी से कुछ महिलाओं में हल्की मदद कर सकता है, लेकिन यह कोई पक्का इलाज नहीं है। हल्दी को सपोर्टिव घरेलू उपाय की तरह अपनाएं और शरीर के संकेतों को समझें। अगर पीरियड बार-बार लेट हो रहा है, तो उसकी असली वजह जानना जरूरी है। सही समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह से ही लंबे समय में पीरियड से जुड़ी समस्याओं का सुरक्षित और स्थायी समाधान मिल सकता है।


