कई बार महिलाएं इस स्थिति को सामान्य मानकर अनदेखा कर देती हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना शरीर में चल रहे असंतुलन का संकेत हो सकता है। लगातार ब्लीडिंग होने से कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो शरीर में आयरन की कमी भी हो सकती है, जिससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि महीने में दो बार पीरियड क्यों आता है, कौन-से घरेलू उपाय सुरक्षित माने जाते हैं, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।
बार-बार पीरियड आने के कारण
बार-बार पीरियड आने के कारण सिर्फ हार्मोन तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह आपकी पूरी जीवनशैली से जुड़े हो सकते हैं। कई बार अचानक डाइट बदलने, बहुत ज्यादा फास्टिंग करने या जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से भी पीरियड साइकल बिगड़ सकता है। शरीर जब जरूरत से ज्यादा थक जाता है, तो हार्मोनल बैलेंस प्रभावित होता है।
मुख्य कारण:
- हार्मोनल बदलाव (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का असंतुलन)
- ज्यादा तनाव और नींद की कमी
- अचानक वजन बढ़ना या कम होना
- थायरॉइड की समस्या
- गर्भनिरोधक गोलियों या IUD का असर
- PCOS जैसी हार्मोनल कंडीशन
- बार-बार इमरजेंसी पिल का इस्तेमाल
अगर पीरियड हर 15–20 दिन में आने लगे हैं, तो यह शरीर का संकेत है कि अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है। ऐसे में कई महिलाएं तुरंत पीरियड लाने का उपाय ढूंढती हैं, लेकिन बिना कारण समझे उपाय करना सही नहीं होता।
पीरियड जल्दी आने के कारण और इलाज
पीरियड जल्दी आने के कारण और इलाज जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि बार-बार जल्दी पीरियड आने से शरीर कमजोर होने लगता है। कई महिलाओं में यह समस्या अचानक लाइफस्टाइल बदलने से शुरू होती है, जैसे नाइट शिफ्ट करना, देर रात तक जागना या लगातार तनाव में रहना।
इलाज और देखभाल:
- रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद लें
- कैफीन और जंक फूड कम करें
- पानी ज्यादा पिएं
- नियमित हल्की एक्सरसाइज या योग करें
- ज्यादा मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं
कुछ महिलाएं जल्दी पीरियड आने पर 2 मिनट में पीरियड कैसे लाएं जैसे उपाय ढूंढती हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
अनियमित मासिक धर्म के घरेलू नुस्खे
अनियमित मासिक धर्म के घरेलू नुस्खे अपनाने से शरीर को नैचुरल तरीके से बैलेंस होने में मदद मिल सकती है। हालांकि इन नुस्खों का असर धीरे-धीरे दिखता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।
घरेलू उपाय:
- अदरक की चाय: ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और सूजन कम करने में मदद करता है
- तिल और गुड़: हार्मोन संतुलन में सहायक माना जाता है
- दालचीनी: पीरियड साइकल रेगुलर करने में मदद कर सकती है
- एलोवेरा जूस: पाचन और हार्मोन बैलेंस को सपोर्ट करता है
- मेथी के दाने: कुछ महिलाओं में ब्लीडिंग को नियंत्रित करने में मदद करते हैं
अगर पीरियड बार-बार अनियमित हो रहे हैं या देर से आ रहे हैं, तो आप पीरियड लेट हो तो क्या करें जैसे गाइड से सही जानकारी ले सकती हैं।
हार्मोनल असंतुलन के लक्षण
हार्मोनल असंतुलन के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे दिखाई देते हैं और महिलाएं इन्हें सामान्य थकान या मूड स्विंग समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन ये संकेत शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं।
आम लक्षण:
- अचानक मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन
- ज्यादा थकान और नींद पूरी न होना
- वजन तेजी से बढ़ना या कम होना
- चेहरे पर मुंहासे या स्किन डल होना
- बाल झड़ना
- बार-बार पीरियड आना या ज्यादा ब्लीडिंग
इन लक्षणों के साथ अगर आपको बार-बार कमजोरी महसूस होती है, तो यह आयरन की कमी का भी संकेत हो सकता है। समय पर जांच करवाने से आगे की जटिलताओं से बचा जा सकता है।
पीरियड साइकल को नियमित कैसे करें
अगर आप जानना चाहती हैं कि पीरियड साइकल को नियमित कैसे करें, तो आपको अपने रूटीन में छोटे लेकिन लगातार किए जाने वाले बदलाव अपनाने होंगे। एक-दो दिन सही करने से बदलाव नहीं दिखता, बल्कि नियमितता सबसे ज्यादा जरूरी है।
रेगुलर साइकल के लिए टिप्स:
- रोज़ एक ही समय पर सोने-जागने की आदत डालें
- आयरन और कैल्शियम से भरपूर डाइट लें
- योग और प्राणायाम को रूटीन में शामिल करें
- स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन करें
- पीरियड ट्रैकर ऐप से साइकल मॉनिटर करें
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
लगातार 2–3 महीने तक इन आदतों को अपनाने से कई महिलाओं में पीरियड साइकल में सुधार देखा जाता है।
बार-बार ब्लीडिंग होने पर क्या करें
बार-बार ब्लीडिंग होने पर क्या करें यह सवाल बहुत जरूरी है, क्योंकि ज्यादा ब्लीडिंग शरीर को अंदर से कमजोर बना देती है। कई बार महिलाएं इसे नॉर्मल समझकर सहती रहती हैं, जिससे आगे चलकर एनीमिया और कमजोरी बढ़ जाती है।
क्या करें:
- ज्यादा ब्लीडिंग हो तो आयरन सप्लीमेंट (डॉक्टर की सलाह से) लें
- ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- ब्लीडिंग के दिनों में ज्यादा आराम करें
- शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी न होने दें
- भारी काम और ज्यादा एक्सरसाइज से कुछ दिन बचें
अगर हर महीने ब्लीडिंग की मात्रा बढ़ती जा रही है, तो यह फाइब्रॉइड या हार्मोनल समस्या का संकेत भी हो सकता है, जिसकी जांच जरूरी है।
महीने में दो बार पीरियड आना घरेलू उपाय: क्या सच में कारगर हैं?
महीने में दो बार पीरियड आना घरेलू उपाय हल्के मामलों में राहत दे सकते हैं, खासकर जब समस्या तनाव या गलत लाइफस्टाइल से जुड़ी हो। सही डाइट, पर्याप्त नींद और कुछ प्राकृतिक नुस्खे अपनाने से शरीर को बैलेंस होने में मदद मिलती है।
हालांकि, अगर बार-बार पीरियड आना किसी मेडिकल कंडीशन जैसे PCOS, थायरॉइड या हार्मोनल डिसऑर्डर के कारण है, तो सिर्फ घरेलू उपायों से पूरा इलाज संभव नहीं होता। ऐसे में सही जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो घरेलू उपाय आजमाने में देर न करें और डॉक्टर से संपर्क करें:
- 2–3 महीने लगातार महीने में दो बार पीरियड आना
- बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या खून के थक्के आना
- बार-बार चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
- पेट में तेज दर्द या असहनीय ऐंठन
- गर्भधारण में परेशानी
- पहले से PCOS या थायरॉइड की समस्या होना
जल्दी डॉक्टर से मिलने पर सही समय पर इलाज शुरू हो सकता है और आगे की समस्याओं से बचाव हो जाता है।
निष्कर्ष
महीने में दो बार पीरियड आना शरीर के अंदर चल रहे हार्मोनल और लाइफस्टाइल बदलावों का संकेत हो सकता है। हल्के मामलों में घरेलू उपाय और दिनचर्या सुधारने से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है या ब्लीडिंग बहुत ज्यादा है, तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है। समय पर ध्यान देने से शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।


