असल में पीरियड देर से आने के पीछे हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस, थकान, वजन में बदलाव या लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहें हो सकती हैं, इसलिए कई महिलाएं पीरियड जल्दी लाने के घरेलू उपाय ढूंढने लगती हैं। कई बार मौसम बदलने, ट्रैवल करने या नींद का पैटर्न बिगड़ने से भी साइकिल पर असर पड़ता है। कुछ महिलाओं में 1–2 बार की देरी नॉर्मल हो सकती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना शरीर में किसी अंदरूनी असंतुलन की ओर इशारा करता है। इसलिए सिर्फ उपाय अपनाने की बजाय कारण समझना भी उतना ही जरूरी है।
देरी से आए पीरियड के कारण
अक्सर महिलाएं बिना वजह पीरियड लेट होने पर घबरा जाती हैं, लेकिन हर बार लेट होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होता। देरी से आए पीरियड के कारण में हार्मोनल बदलाव, ज्यादा मानसिक तनाव, नींद की कमी, वजन में अचानक बदलाव, ट्रैवल या रूटीन में गड़बड़ी शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा ज्यादा एक्सरसाइज करना, बहुत कम खाना, या शरीर में आयरन की कमी भी साइकिल को आगे-पीछे कर सकती है। कई बार हार्मोनल गड़बड़ी के कारण बिना पीरियड के ब्लीडिंग होना भी देखा जाता है, जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर यह समस्या बार-बार हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है ताकि सही कारण का पता चल सके।
पीरियड जल्दी लाने के तरीके क्या हैं?
कई महिलाएं दवाइयों की बजाय पहले घरेलू उपाय अपनाना पसंद करती हैं। पीरियड जल्दी लाने के तरीके में ऐसे नेचुरल उपाय शामिल होते हैं जो शरीर के हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट करते हैं और गर्भाशय के आसपास ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं।
ध्यान रखें कि ये तरीके पीरियड को जबरदस्ती “फोर्स” नहीं करते, बल्कि शरीर को नैचुरली साइकिल शुरू करने में मदद करते हैं। हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी को 1–2 दिन में असर दिख सकता है, तो किसी को बिल्कुल असर न भी दिखे। अगर देरी बहुत ज्यादा है, तो घरेलू उपायों के भरोसे रहना सही नहीं माना जाता।
पीरियड लाने के घरेलू नुस्खे
नीचे कुछ ऐसे पीरियड लाने के घरेलू नुस्खे दिए गए हैं जिन्हें सही तरीके और सीमित मात्रा में अपनाया जाए तो हल्की देरी में मदद मिल सकती है:
1. अदरक की चाय – अदरक शरीर में गर्माहट बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद करता है। रोज 1–2 कप से ज्यादा न पिएं।
2. तिल और गुड़ – तिल और गुड़ का सेवन शरीर को ऊर्जा देता है और कुछ महिलाओं में पीरियड साइकिल को सपोर्ट करता है।
3. हल्दी वाला दूध – हल्दी हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट कर सकती है और शरीर की सूजन कम करने में मदद करती है।
4. पपीता या अनानास – इन फलों को पारंपरिक रूप से पीरियड साइकिल से जोड़ा जाता है, लेकिन सीमित मात्रा में ही लें।
5. गुनगुना पानी और हल्की एक्सरसाइज – हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और गुनगुना पानी पीना शरीर को रिलैक्स करता है और नेचुरल प्रोसेस को सपोर्ट करता है।
अगर ब्लीडिंग बहुत कम हो रही है, तो इसके नुकसान समझने के लिए यह गाइड पढ़ना फायदेमंद रहेगा: पीरियड कम आने के नुकसान
इन घरेलू नुस्खों को लगातार कई दिनों तक जरूरत से ज्यादा अपनाना सही नहीं है, क्योंकि इससे पेट दर्द या कमजोरी हो सकती है।
नेचुरल तरीके से पीरियड कैसे लाएं
अगर आप जानना चाहती हैं कि नेचुरल तरीके से पीरियड कैसे लाएं, तो सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि पूरे रूटीन में सुधार जरूरी है। रोज 7–8 घंटे की नींद लेना, तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करना, बैलेंस्ड डाइट लेना और पर्याप्त पानी पीना साइकिल को नेचुरली सपोर्ट करता है।
इसके अलावा बहुत ज्यादा कैफीन, स्मोकिंग या अल्कोहल से बचना भी जरूरी है। शरीर पर ज्यादा दबाव डालकर पीरियड लाने की कोशिश करने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे आगे चलकर साइकिल और ज्यादा अनियमित हो सकती है।
पीरियड लाने के उपाय के फायदे नुकसान
पीरियड लाने के उपाय के फायदे नुकसान समझना जरूरी है ताकि आप बिना नुकसान के सही फैसला ले सकें।
फायदे:
- हल्की देरी में नेचुरली साइकिल सपोर्ट होती है
- दवाइयों पर निर्भरता कम होती है
- शरीर रिलैक्स महसूस करता है
- कुछ घरेलू उपाय पाचन और एनर्जी लेवल को भी बेहतर करते हैं
नुकसान:
- हर महिला के शरीर पर असर एक जैसा नहीं होता
- ज्यादा या गलत तरीके अपनाने से पेट दर्द, गैस या कमजोरी हो सकती है
- बार-बार कोशिश करने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है
- अगर देरी किसी मेडिकल कारण से है, तो घरेलू उपाय असरदार नहीं होते
इसलिए किसी भी उपाय को लिमिट में और समझदारी से अपनाना चाहिए।
पीरियड देर से आने पर क्या करें
अगर पीरियड बार-बार लेट हो रहा है, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। पीरियड देर से आने पर क्या करें – इसके लिए ये जरूरी कदम अपनाएं:
- 2–3 महीने तक अपनी साइकिल ट्रैक करें ताकि पैटर्न समझ आ सके
- 10–15 दिन की देरी पर प्रेगनेंसी की संभावना को जरूर जांचें
- जरूरत हो तो यह गाइड देखें:
पीरियड मिस होने से पहले प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे - बार-बार देरी या बहुत अनियमित साइकिल होने पर डॉक्टर से सलाह लें
- बिना सलाह के हार्मोनल दवाइयां या देसी नुस्खे ज्यादा मात्रा में न लें
समय पर जांच से थायरॉइड, पीसीओएस या अन्य हार्मोनल समस्या का पता चल सकता है और सही इलाज मिल सकता है।
निष्कर्ष
पीरियड जल्दी लाने के घरेलू उपाय हल्की देरी में शरीर को नेचुरली सपोर्ट कर सकते हैं, लेकिन इन्हें बार-बार या जबरदस्ती अपनाना सही नहीं है। देरी के पीछे छिपे कारण को समझना ज्यादा जरूरी है। सही लाइफस्टाइल, संतुलित आहार और स्ट्रेस मैनेजमेंट से आपकी पीरियड साइकिल लंबे समय में बेहतर रह सकती है।


