अक्सर लोग “सेफ पीरियड” की बात सुनकर यह मान लेते हैं कि मासिक धर्म के दौरान गर्भधारण असंभव है। लेकिन शरीर का हार्मोनल सिस्टम बहुत जटिल होता है और कभी-कभी साइकिल की गणना बिल्कुल सटीक नहीं बैठती। यही वजह है कि जागरूकता और सही जानकारी बेहद जरूरी है। इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि पीरियड के समय प्रेगनेंसी की संभावना कब और क्यों बन सकती है।
पीरियड के दौरान गर्भधारण कितना संभव है?
आमतौर पर पीरियड के दौरान गर्भधारण की संभावना कम होती है, क्योंकि इस समय शरीर पुरानी गर्भाशय परत (यूटराइन लाइनिंग) को बाहर निकाल रहा होता है। लेकिन “कम” का मतलब “नहीं” नहीं होता।
कुछ स्थितियों में पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद ओव्यूलेशन हो सकता है। अगर इस दौरान असुरक्षित संबंध बने हों, तो शुक्राणु (sperm) महिला के शरीर में 3–5 दिन तक जीवित रह सकते हैं और अंडाणु के निकलने पर गर्भधारण हो सकता है। कई बार महिलाओं को हल्की स्पॉटिंग होती है जिसे पीरियड समझ लिया जाता है, जबकि वह किसी और कारण से हो सकती है। ऐसी स्थिति में यह समझना जरूरी है कि बिना पीरियड के ब्लीडिंग होना भी प्रजनन चक्र से जुड़ा संकेत हो सकता है।
इसके अलावा, किशोरावस्था (teenage) या प्रसव के बाद के समय में साइकिल अनियमित रह सकती है, जिससे ओव्यूलेशन की सही तारीख का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में रिस्क थोड़ा बढ़ सकता है।
मासिक धर्म में संबंध बनाना: क्या जोखिम है?
मासिक धर्म में संबंध बनाना कुछ लोगों को सुरक्षित लगता है, लेकिन यह पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है।
- अगर आपकी साइकिल छोटी है (21–24 दिन)
- पीरियड जल्दी खत्म हो जाता है
- ओव्यूलेशन जल्दी हो जाता है
तो पीरियड के आखिरी दिनों में बने संबंध से प्रेगनेंसी की संभावना बन सकती है। इसके अलावा, इस समय संक्रमण (infection) का खतरा भी थोड़ा बढ़ जाता है। इस विषय पर विस्तार से जानने के लिए आप पढ़ सकते हैं – पीरियड में संबंध बनाने के नुकसान।
साथ ही, इस समय गर्भाशय ग्रीवा (cervix) थोड़ी खुली होती है, जिससे बैक्टीरिया का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्वच्छता और सुरक्षा बेहद जरूरी है।
ओव्यूलेशन का सही समय क्यों है अहम?
प्रेगनेंसी तभी होती है जब अंडाशय से अंडाणु निकलता है इसे ही ओव्यूलेशन का सही समय कहा जाता है। आमतौर पर यह अगले पीरियड से लगभग 14 दिन पहले होता है, लेकिन यह हर महिला में अलग हो सकता है।
अगर किसी महिला का पीरियड 28 दिन से छोटा है, तो ओव्यूलेशन जल्दी हो सकता है। ऐसे में पीरियड के तुरंत बाद बने संबंध से भी गर्भधारण संभव हो सकता है। कई महिलाओं को प्रेगनेंसी का शक तब होता है जब अगला पीरियड समय पर नहीं आता। ऐसी स्थिति में यह जानना जरूरी है कि पीरियड मिस होने के 7 दिन बाद क्या करना चाहिए।
ओव्यूलेशन हर महीने बिल्कुल एक ही दिन हो, यह जरूरी नहीं। तनाव, बीमारी, यात्रा या हार्मोनल बदलाव इसकी तारीख बदल सकते हैं।
अनियमित पीरियड में प्रेगनेंसी का जोखिम
जिन महिलाओं के पीरियड नियमित नहीं होते, उनके लिए अनियमित पीरियड में प्रेगनेंसी की संभावना का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।
- ओव्यूलेशन कब होगा, यह पहले से पता नहीं चलता
- साइकिल की लंबाई हर महीने बदल सकती है
- कभी-कभी पीरियड जैसा ब्लीडिंग ओव्यूलेशन के पास भी हो सकता है
ऐसी स्थिति में पीरियड के दौरान या तुरंत बाद बने असुरक्षित संबंध से भी गर्भधारण संभव हो सकता है। अनियमित साइकिल वाली महिलाओं को सिर्फ तारीखों पर भरोसा करने के बजाय मेडिकल सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित होता है।
फर्टाइल दिन कैसे पहचानें
प्रेगनेंसी की संभावना सबसे ज्यादा फर्टाइल दिन में होती है। ये वे दिन होते हैं जब ओव्यूलेशन के आसपास अंडाणु उपलब्ध होता है।
फर्टाइल दिन कैसे पहचानें:
- सर्वाइकल म्यूकस (सफेद चिपचिपा डिस्चार्ज) बढ़ना
- शरीर का बेसल तापमान थोड़ा बढ़ना
- हल्का पेट दर्द या एक साइड में खिंचाव
- ओव्यूलेशन किट का उपयोग
इन संकेतों को समझकर महिलाएं अपने फर्टाइल दिनों का बेहतर अंदाजा लगा सकती हैं, लेकिन फिर भी यह तरीका 100% गारंटी नहीं देता।
पीरियड साइकिल की जानकारी क्यों जरूरी है
हर महिला की पीरियड साइकिल की जानकारी अलग होती है। कुछ की साइकिल 28 दिन की होती है, तो कुछ की 24 या 32 दिन की। यही अंतर प्रेगनेंसी के जोखिम को प्रभावित करता है।
अगर आप प्रेगनेंसी से बचना चाहती हैं, तो:
- अपनी साइकिल ट्रैक करें
- ओव्यूलेशन का अनुमान लगाएं
- जरूरत पड़ने पर कंडोम या अन्य गर्भनिरोधक अपनाएं
मोबाइल ऐप्स या कैलेंडर ट्रैकिंग मददगार हो सकते हैं, लेकिन ये भी पूरी तरह सटीक नहीं होते। शरीर के संकेतों को समझना ज्यादा जरूरी है।
तो क्या पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है?
अब साफ जवाब: हाँ, कुछ खास परिस्थितियों में पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है, लेकिन संभावना कम होती है।
रिस्क ज्यादा तब होता है जब:
- साइकिल छोटी हो
- पीरियड लंबे समय तक चलें
- ओव्यूलेशन जल्दी हो जाए
- अनियमित पीरियड हों
इसलिए अगर आप प्रेगनेंसी नहीं चाहतीं, तो पीरियड के दौरान भी असुरक्षित संबंध से बचना बेहतर है। “सेफ टाइम” पर पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
निष्कर्ष
पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है यह पूरी तरह मिथक नहीं है। हालांकि संभावना कम होती है, लेकिन यह शून्य नहीं है। हर महिला की बॉडी अलग होती है, इसलिए अपने साइकिल पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है।
सुरक्षित रहने के लिए भरोसेमंद गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल करना ही सबसे अच्छा उपाय है। जागरूकता, सही जानकारी और सावधानी ही अनचाही प्रेगनेंसी से बचाव की कुंजी है।


