कई बार ज्यादा ब्लीडिंग के कारण रोजमर्रा का काम करना भी मुश्किल हो जाता है। महिलाएं थकान महसूस करती हैं, ध्यान लगाने में दिक्कत होती है और मूड भी प्रभावित हो सकता है। अगर यह स्थिति हर महीने दोहराई जाए, तो शरीर की एनर्जी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस लेख में आप जानेंगे कि पीरियड ज्यादा दिन तक आये तो क्या करे gharelu upay, इसके पीछे के कारण, लक्षण और सुरक्षित घरेलू उपाय क्या हैं। सही जानकारी और समय पर देखभाल से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
पीरियड ज्यादा दिन आने के कारण
पीरियड ज्यादा दिन आने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और हर महिला में वजह अलग होती है। अक्सर हार्मोनल असंतुलन के कारण ब्लीडिंग ज्यादा और लंबे समय तक चलती है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ने पर गर्भाशय की परत जरूरत से ज्यादा मोटी बन जाती है, जिससे पीरियड्स लंबे समय तक आते हैं और ब्लड लॉस भी ज्यादा होता है।
कभी-कभी गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स, इंफेक्शन या IUD (कॉपर टी) लगाने के बाद भी पीरियड ज्यादा दिन तक आ सकते हैं। कुछ महिलाओं में हाल ही में गर्भपात या डिलीवरी के बाद भी पीरियड पैटर्न बदल जाता है और कुछ समय तक ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है। PCOD से जूझ रही महिलाओं में पीरियड अनियमित या बहुत ज्यादा आना आम समस्या है। ऐसी स्थिति में पीसीओडी में पीरियड कैसे लाए इस गाइड से सही और सुरक्षित तरीकों की जानकारी मिल सकती है।
मुख्य कारण:
- हार्मोनल असंतुलन
- गर्भाशय में गांठ (फाइब्रॉइड)
- इंफेक्शन या सूजन
- थायरॉइड समस्या
- IUD/कॉपर टी
- ज्यादा तनाव और अनियमित दिनचर्या
लंबे समय तक ब्लीडिंग के कारण
लंबे समय तक ब्लीडिंग के कारण सिर्फ हार्मोन ही नहीं होते, बल्कि शरीर की ओवरऑल हेल्थ भी इसका बड़ा कारण हो सकती है। अगर पहले से ही आयरन की कमी या एनीमिया हो, तो शरीर ब्लीडिंग को जल्दी कंट्रोल नहीं कर पाता। इससे पीरियड और लंबा खिंच सकता है। कुछ मामलों में खून जमने से जुड़ी समस्याएं (ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर) भी लंबे समय तक ब्लीडिंग के कारण बन सकती हैं। महिलाओं को अक्सर इसका पता नहीं चलता और वे इसे सामान्य पीरियड समझकर सहती रहती हैं।
कम उम्र में पीरियड शुरू होना या हार्मोनल बदलाव भी आगे चलकर ब्लीडिंग पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं। इस बारे में जानकारी के लिए आप पीरियड आने की सही उम्र क्या है पढ़ सकती हैं, ताकि मासिक धर्म से जुड़े बदलावों को बेहतर समझ सकें।
ध्यान देने योग्य बातें:
- बहुत जल्दी पैड या टैम्पॉन भर जाना
- रात में भी बार-बार पैड बदलने की जरूरत
- खून के बड़े-बड़े थक्के निकलना
- बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
मासिक धर्म अधिक होने के लक्षण
मासिक धर्म अधिक होने के लक्षण समय रहते पहचान लेना जरूरी है ताकि शरीर में खून की कमी गंभीर न हो जाए। ज्यादा ब्लीडिंग से धीरे-धीरे आयरन लेवल गिरने लगता है, जिससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
कुछ महिलाओं को सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने लगती है या थोड़ी मेहनत में ही थकावट महसूस होती है। कई बार दिल की धड़कन तेज होना भी ब्लड लॉस का संकेत हो सकता है। यह सब मासिक धर्म अधिक होने के लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग क्यों होती है
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग क्यों होती है, इसके पीछे कई मेडिकल कारण हो सकते हैं। कई बार ओवरी से अंडा सही समय पर न निकलने से हार्मोन असंतुलन बढ़ जाता है और गर्भाशय की परत ज्यादा मोटी बन जाती है, जिससे ब्लीडिंग ज्यादा होती है। कुछ महिलाओं में पीरियड मिस होने के बाद अगली बार ब्लीडिंग ज्यादा होती है और मतली या उल्टी जैसा महसूस भी हो सकता है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए आप पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद उल्टी लगती है पढ़ सकती हैं।
इसके अलावा गर्भाशय में मौजूद फाइब्रॉइड्स या पॉलीप्स ब्लड फ्लो को बढ़ा सकते हैं। वहीं एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थिति में पीरियड्स के दौरान दर्द के साथ-साथ ब्लीडिंग भी ज्यादा होती है।
पीरियड लंबे समय तक आने पर क्या करें
पीरियड लंबे समय तक आने पर क्या करें इसका पहला कदम है अपने शरीर को आराम देना। ज्यादा ब्लीडिंग के दौरान भारी काम, ज्यादा देर खड़े रहना या बहुत ज्यादा चलना शरीर को और थका सकता है। इस समय हल्की-फुल्की गतिविधि और पर्याप्त आराम जरूरी है।
डाइट में आयरन, फोलेट और विटामिन C से भरपूर चीजें शामिल करें ताकि शरीर खोया हुआ खून दोबारा बना सके। साथ ही पर्याप्त पानी पिएं ताकि डिहाइड्रेशन न हो। बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीने से बचें क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण कम हो सकता है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो खुद से दवाइयां लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच कराने से बड़ी समस्या बनने से पहले ही कंट्रोल किया जा सकता है।
क्या करें:
- पर्याप्त आराम करें
- आयरन युक्त भोजन लें
- ज्यादा पानी पिएं
- स्ट्रेस कम करें
- जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच कराएं
अत्यधिक मासिक धर्म के घरेलू उपाय
अत्यधिक मासिक धर्म के घरेलू उपाय हल्के मामलों में राहत दे सकते हैं। घरेलू उपायों का उद्देश्य शरीर को सपोर्ट देना और हार्मोन संतुलन में मदद करना होता है। हालांकि बहुत ज्यादा या लंबे समय तक ब्लीडिंग होने पर घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए।
नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, गुनगुना पानी पीना और हल्का योग या स्ट्रेचिंग करना शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। कुछ महिलाओं को गर्म पानी की बोतल से पेट सेक करने पर दर्द में राहत मिलती है, जिससे ब्लीडिंग का अनुभव भी थोड़ा कम परेशान करता है।
कुछ असरदार घरेलू उपाय:
- अनार का जूस: खून की कमी दूर करने में मदद करता है
- पालक और चुकंदर का जूस: आयरन बढ़ाने में सहायक
- अदरक की चाय: सूजन कम करने और ब्लीडिंग कंट्रोल करने में मदद
- धनिया के बीज का पानी: पीरियड्स को संतुलित करने में सहायक
- गुड़ और तिल: शरीर में आयरन की कमी पूरी करने में मदद
इन घरेलू उपायों के साथ-साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव कम करना भी जरूरी है, ताकि शरीर धीरे-धीरे अपने सामान्य चक्र में लौट सके।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो रही है या 10 दिन से ज्यादा चल रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक खून बहने से शरीर कमजोर हो जाता है और कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें अगर:
- बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर आ रहे हों
- खून के बड़े थक्के निकल रहे हों
- हर घंटे पैड बदलना पड़ रहा हो
- पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो
- एनीमिया के लक्षण दिख रहे हों
- सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना महसूस हो
निष्कर्ष
अगर पीरियड ज्यादा दिन तक आये तो क्या करे gharelu upay इसका सही जवाब यह है कि हल्के मामलों में घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं, लेकिन बार-बार या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने पर मेडिकल सलाह जरूरी है।
अपनी बॉडी के संकेतों को समझना, सही खानपान अपनाना और समय पर जांच कराना महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। सही देखभाल से न सिर्फ पीरियड्स की समस्या कंट्रोल होती है, बल्कि भविष्य में एनीमिया और हार्मोनल गड़बड़ी जैसी समस्याओं से भी बचाव होता है।


