कई महिलाएं सोचती हैं कि प्रेगनेंसी में गैस बने तो क्या खाएं जिससे आराम मिले और बच्चा भी स्वस्थ रहे। सही खानपान, पर्याप्त पानी और थोड़ी जीवनशैली में सुधार से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। ध्यान रखें कि गर्भावस्था में पाचन पहले से धीमा होता है, इसलिए हल्का और संतुलित भोजन सबसे बेहतर रहता है।
गर्भावस्था में गैस की समस्या क्यों होती है?
प्रेगनेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जो पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है। इससे खाना देर से पचता है और पेट में गैस बनने लगती है। बढ़ता हुआ गर्भाशय भी आंतों पर दबाव डालता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग राहत पाना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि दूसरी और तीसरी तिमाही में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
इसके अलावा, आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट भी कभी-कभी पेट फूलने का कारण बनते हैं। कम फाइबर वाली डाइट और कम पानी पीना भी समस्या को बढ़ा सकता है। कुछ महिलाओं को दूध या कुछ दालें खाने से भी गैस ज्यादा बनती है, इसलिए अपनी बॉडी के हिसाब से फूड चुनना जरूरी है।
प्रेगनेंसी में गैस बने तो क्या खाएं फायदेमंद आहार
अगर आप जानना चाहती हैं कि प्रेगनेंसी में गैस बने तो क्या खाएं, तो नीचे दिए गए फूड्स आपकी मदद कर सकते हैं। इन चीजों को अपनी रोज़ की डाइट में शामिल करने से पाचन बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है।
1. फाइबर से भरपूर भोजन
ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, सेब, नाशपाती और हरी सब्जियां पाचन को बेहतर बनाती हैं। ये प्रेगनेंसी में पाचन सुधार करने में मदद करते हैं और कब्ज से बचाते हैं। फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं, क्योंकि अचानक ज्यादा फाइबर लेने से उल्टा गैस बढ़ सकती है।
2. दही और छाछ
प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। इससे गैस और अपच कम होती है। दिन में एक कटोरी ताजा दही या पतली छाछ लेना पाचन के लिए फायदेमंद रहता है।
3. अदरक और जीरा पानी
हल्का गुनगुना अदरक वाला पानी या जीरा उबालकर पीना एसिडिटी और अपच उपाय के रूप में फायदेमंद है। ये पेट की ऐंठन और भारीपन को कम करने में भी मदद करता है।
4. नारियल पानी
यह पाचन को हल्का रखता है और शरीर को हाइड्रेट करता है। सुबह जल्दी उठकर हल्का गुनगुना पानी पीना भी पाचन के लिए अच्छा माना जाता है, जानें प्रेगनेंसी में सुबह कितने बजे उठना चाहिए और सही दिनचर्या कैसे गैस की समस्या कम कर सकती है।
5. केला और पपीता (सीमित मात्रा में)
ये फाइबर और एंजाइम से भरपूर होते हैं जो पेट साफ रखने में मदद करते हैं। पका हुआ पपीता थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है, लेकिन कच्चा पपीता नहीं खाना चाहिए।
गैस और ब्लोटिंग राहत के लिए क्या न खाएं
सही डाइट जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है यह जानना कि प्रेगनेंसी में क्या न खाएं। कुछ चीजें पेट में गैस बनाकर सूजन और असहजता बढ़ा देती हैं।
- तली-भुनी और ज्यादा मसालेदार चीजें
- सोडा, कोल्ड ड्रिंक
- ज्यादा चाय और कॉफी
- राजमा, छोले, गोभी (कुछ महिलाओं में गैस बढ़ाते हैं)
- बहुत ज्यादा मीठा और बेकरी फूड
अगर आपको पहले से पेट में संवेदनशीलता रहती है या कभी 2 महीने की प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना जैसी समस्या हुई हो, तो डाइट और भी सावधानी से चुननी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेकर ही बदलाव करें।
गर्भवती महिलाओं की डाइट में ये आदतें अपनाएं
सिर्फ खाना ही नहीं, खाने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। सही आदतें अपनाने से गैस और ब्लोटिंग राहत मिल सकती है।
- दिन में 3 बड़े मील की बजाय 5–6 छोटे मील लें
- खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएं
- खाने के तुरंत बाद लेटें नहीं
- हल्की वॉक करें, इससे प्रेगनेंसी में पाचन सुधार होता है
- दिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं
आप अपनी ड्यू डेट और गर्भावस्था के सप्ताह जानने के लिए प्रेगनेंसी कैलकुलेटर का उपयोग भी कर सकती हैं, जिससे आप अपनी बॉडी में हो रहे बदलावों को बेहतर समझ सकें।
एसिडिटी और अपच उपाय जो तुरंत राहत दें
अगर गैस के साथ सीने में जलन भी होती है, तो कुछ आसान उपाय मदद कर सकते हैं। ये उपाय हल्की परेशानी में कारगर होते हैं।
- ठंडा दूध (थोड़ी मात्रा में)
- सौंफ चबाना
- इलायची का पानी
- हल्की सैर
सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से भी एसिडिटी कम हो सकती है। तंग कपड़े पहनने से भी पेट पर दबाव बढ़ता है, इसलिए आरामदायक कपड़े पहनें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अक्सर गैस सामान्य होती है, लेकिन अगर पेट दर्द बहुत तेज हो, उल्टी के साथ खून आए, लगातार कब्ज रहे या सूजन असामान्य लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कभी-कभी ये लक्षण किसी अन्य समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।
अगर गैस के साथ बुखार, दस्त या वजन तेजी से कम हो रहा हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रेगनेंसी में किसी भी गंभीर लक्षण को हल्के में लेना सही नहीं है।
निष्कर्ष
गर्भावस्था में गैस की समस्या आम है, लेकिन सही डाइट और जीवनशैली से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। याद रखें, जब भी मन में सवाल आए कि प्रेगनेंसी में गैस बने तो क्या खाएं, तो हल्का, पौष्टिक और पचने में आसान भोजन चुनें।
छोटे-छोटे बदलाव जैसे ज्यादा पानी पीना, फाइबर बढ़ाना और तली-भुनी चीजें कम करना आपको बड़ी राहत दे सकते हैं। नियमित दिनचर्या और हल्की शारीरिक गतिविधि भी पाचन को बेहतर बनाती है। अगर परेशानी ज्यादा बढ़े तो डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।


