पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है
पीरियड्स

पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है? जानें सच और पूरी जानकारी

03.02.2026

कई महिलाओं और कपल्स के मन में यह सवाल आता है कि पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है या नहीं। आम धारणा यह है कि पीरियड के दिनों में संबंध बनाने से गर्भधारण संभव नहीं होता, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग हो सकती है। हर महिला की बॉडी, हार्मोनल साइकिल और ओव्यूलेशन टाइम अलग होता है, इसलिए रिस्क पूरी तरह शून्य नहीं माना जाता। कई बार गलत जानकारी या सुनी-सुनाई बातों के कारण लोग पीरियड को पूरी तरह “सेफ टाइम” मान लेते हैं, जो सही नहीं है। सही प्रजनन जानकारी न होने से अनचाही प्रेगनेंसी का खतरा बढ़ सकता है।

प्रेगनेंसी में केला खाने के नुकसान और फायदे
गर्भावस्था में आहार और पोषण

प्रेगनेंसी में केला खाने के नुकसान और फायदे: क्या गर्भावस्था में केला खाना सही है?

03.02.2026

प्रेगनेंसी में डाइट का सीधा असर मां और शिशु दोनों की सेहत पर पड़ता है। ऐसे में फल खाना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कई महिलाओं के मन में सवाल होता है कि प्रेगनेंसी में केला खाना सही है या नहीं। केला पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसके नुकसान भी हो सकते हैं। केला आसानी से उपलब्ध और सस्ता फल है, इसलिए कई गर्भवती महिलाएं इसे रोजाना डाइट में शामिल करती हैं। हालांकि, हर शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए इसकी सही मात्रा जानना जरूरी है।

पीरियड के १० दिन बाद ब्लीडिंग आना
गर्भावस्था में स्वास्थ्य समस्याएं और उसकी देखभाल

पीरियड के १० दिन बाद ब्लीडिंग आना: कारण और जरूरी जानकारी

02.02.2026

पीरियड के १० दिन बाद ब्लीडिंग आना कई महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन सकता है। सामान्य मासिक चक्र लगभग 21–35 दिनों का होता है, इसलिए बीच में दोबारा ब्लीडिंग होना अक्सर असामान्य लगता है। लेकिन हर बार यह गंभीर समस्या नहीं होती। कई बार यह शरीर में हो रहे प्राकृतिक बदलावों का संकेत होता है। फिर भी, कारण समझना जरूरी है ताकि सही समय पर सही कदम उठाया जा जा सके।

गर्भ संस्कार

गर्भ संस्कार: एक स्वस्थ और होशियार बच्चे के लिए

गर्भावस्था में सही विचार, सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों से एक बुद्धिमान और स्वस्थ बच्चे का निर्माण।

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

भारतीय ऋषियों द्वारा गर्भ विद्या, माता-पिता शिक्षा और परिवार सशक्तिकरण के लिए वैदिक विज्ञान मार्गदर्शिका
गर्भधारण की योजना से लेकर बच्चे के जन्म तक हर महत्वपूर्ण चरण में संस्कार और देखभाल के सुझाव।

पीरियड में खून के थक्के को रोकने के उपाय
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड में खून के थक्के को रोकने के उपाय: घरेलू नुस्खे और डॉक्टर की सलाह

02.12.2025

पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को खून के थक्के (Blood Clots) आने की समस्या होती है। कभी यह समस्या हल्की होती है, तो कभी इतनी ज्यादा कि दिनचर्या प्रभावित होने लगती है। कुछ महिलाओं को हर पीरियड में थक्के आते हैं, जबकि कुछ को कभी-कभार यह परेशानी होती है।

पीसीओडी
पीसीओडी

पीसीओडी: कारण, लक्षण, और इलाज की पूरी जानकारी

02.12.2025

आजकल महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है। अनियमित लाइफस्टाइल, देर रात तक जागना, गलत खानपान और लगातार मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। पीसीओडी में महिलाओं की ओवरी ठीक से काम नहीं कर पाती, जिसके कारण हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है और शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं।

प्रेग्नेंट कितने दिन में होते हैं
गर्भधारण की तैयारी

प्रेग्नेंट कितने दिन में होते हैं: ओव्यूलेशन और फर्टिलिटी की सही जानकारी

01.12.2025

हर शादीशुदा महिला या कपल के मन में एक आम सवाल होता है प्रेग्नेंट कितने दिन में होते हैं। कुछ महिलाएँ पहले ही महीने कंसीव कर लेती हैं, जबकि कुछ को थोड़ा समय लगता है। यह अंतर पूरी तरह सामान्य है, क्योंकि प्रेग्नेंसी केवल संबंध बनाने पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह ओव्यूलेशन कब होता है, फर्टाइल पीरियड कब होता है और शरीर की फर्टिलिटी पर निर्भर करती है।

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण
गर्भावस्था में स्वास्थ्य समस्याएं और उसकी देखभाल

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण: जानें वजह और इलाज

01.12.2025

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। किशोरियों से लेकर शादीशुदा और गर्भवती महिलाओं तक, सभी को कभी न कभी इस दर्द का सामना करना पड़ता है। कई बार यह दर्द कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन बार-बार होने वाला दर्द शरीर में किसी असंतुलन की ओर संकेत करता है। ऐसे में महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण को समझना बेहद जरूरी हो जाता है।

पीरियड के कितने दिन बाद ओवुलेशन होता है
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड के कितने दिन बाद ओवुलेशन होता है? Fertility Guide

29.11.2025

अगर आप जानना चाहती हैं कि पीरियड के कितने दिन बाद ओवुलेशन होता है, तो यह ब्लॉग आपके लिए बेहद मददगार है। सही समय पर ओवुलेशन जानने से आप फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय अपना सकती हैं और गर्भधारण की संभावना को बढ़ा सकती हैं।

Jaldi Pregnant Hone Ke Liye Kya Karen
गर्भधारण की तैयारी

Jaldi Pregnant Hone Ke Liye Kya Karen: असरदार तरीके

29.11.2025

आज बहुत-सी महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि jaldi pregnant hone ke liye kya karen, ताकि वे बिना ज्यादा दवाओं के सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण कर सकें। बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान और हार्मोनल असंतुलन गर्भधारण में देरी का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। कई बार सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद भी प्रेगनेंसी नहीं ठहरती, जिससे महिलाएं मानसिक रूप से परेशान हो जाती हैं।

3 Month Pregnancy in Hindi
गर्भावस्था के चरण

3 Month Pregnancy in Hindi: तीन महीने की गर्भावस्था में क्या बदलाव होते हैं?

28.11.2025

गर्भावस्था की पहली तिमाही (पहले तीन महीने) महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस समय शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। यदि आप जानना चाहती हैं कि 3 month pregnancy में क्या बदलाव होते हैं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, तो यह गाइड आपके लिए है।

प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द
गर्भावस्था में स्वास्थ्य समस्याएं और उसकी देखभाल

प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है: जानें कारण और राहत के उपाय

28.11.2025

प्रेगनेंसी महिलाओं के जीवन का एक बहुत ही खास लेकिन संवेदनशील समय होता है। इस दौरान महिला के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलावों की वजह से कई बार पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है, जिससे गर्भवती महिला चिंतित हो जाती है।

महीने में कितनी बार करना चाहिए
सेक्स

महीने में कितनी बार करना चाहिए: एक्सपर्ट्स की राय और सही जानकारी

26.11.2025

वैवाहिक जीवन में अक्सर यह सवाल उठता है कि महीने में कितनी बार करना चाहिए ताकि संबंध मजबूत और स्वस्थ बने रहें। पति-पत्नी दोनों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सही आवृत्ति जानना बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शारीरिक संबंध केवल भावनात्मक जुड़ाव नहीं, बल्कि स्वस्थ दांपत्य जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण है।