बार-बार पीरियड आने का इलाज
पीरियड्स

बार-बार पीरियड आने का इलाज: कारण और सही उपचार

28.02.2026

कई महिलाओं को महीने में एक बार की जगह बार-बार पीरियड आने की समस्या होती है। कभी 15–20 दिन में ब्लीडिंग शुरू हो जाती है, तो कभी पीरियड्स लंबे समय तक चलते रहते हैं। यह परेशानी रोज़मर्रा की ज़िंदगी, काम और मानसिक सेहत पर असर डाल सकती है। कई बार कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी दिक्कतें भी साथ में होने लगती हैं। बार-बार पैड बदलना और असहजता महसूस करना भी तनाव बढ़ा देता है। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य समझकर अनदेखा कर देती हैं, जो आगे चलकर समस्या को और बढ़ा सकता है।

Pregnancy में Maggi खा सकते हैं
गर्भावस्था में आहार और पोषण

Pregnancy में Maggi खा सकते हैं? फायदे, नुकसान और सही तरीका

28.02.2026

प्रेग्नेंसी के दौरान cravings बढ़ जाना बहुत आम बात है। कभी मीठा खाने का मन करता है तो कभी कुछ चटपटा या इंस्टेंट। कई बार अचानक तेज भूख लगती है या मूड के साथ खाने की इच्छा बदल जाती है। ऐसे में कई महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि Pregnancy में Maggi खा सकते हैं या नहीं। Maggi जल्दी बनने वाली इंस्टेंट नूडल्स है, जो स्वाद में अच्छी लगती है और थकान के समय तुरंत राहत देती है, लेकिन क्या यह गर्भावस्था में सुरक्षित है?

PCOD में प्रेग्नेंट हो सकते (pcod me pregnant ho sakte hai)
पीसीओडी

PCOD में प्रेग्नेंट हो सकते हैं? पूरी सच्चाई और मेडिकल गाइड

27.02.2026

PCOD एक आम हार्मोनल समस्या है, जिसकी वजह से कई महिलाओं को पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और प्रेग्नेंसी को लेकर चिंता बनी रहती है। बहुत सी महिलाओं के मन में यही सवाल होता है कि PCOD में प्रेग्नेंट हो सकते हैं या नहीं। सच यह है कि PCOD होने के बावजूद गर्भधारण संभव है, बस इसके लिए सही जानकारी, धैर्य और सही लाइफस्टाइल की जरूरत होती है।

गर्भ संस्कार

गर्भ संस्कार: एक स्वस्थ और होशियार बच्चे के लिए

गर्भावस्था में सही विचार, सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों से एक बुद्धिमान और स्वस्थ बच्चे का निर्माण।

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

भारतीय ऋषियों द्वारा गर्भ विद्या, माता-पिता शिक्षा और परिवार सशक्तिकरण के लिए वैदिक विज्ञान मार्गदर्शिका
गर्भधारण की योजना से लेकर बच्चे के जन्म तक हर महत्वपूर्ण चरण में संस्कार और देखभाल के सुझाव।

नार्मल डिलीवरी के लिए घरेलू उपाय
गर्भावस्था में जीवनशैली और देखभाल

नार्मल डिलीवरी के लिए घरेलू उपाय: आसान टिप्स, योगासन और हेल्दी एक्सरसाइज

13.09.2025

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक अनुभव होता है। इस समय हर माँ चाहती है कि उसका प्रसव सुरक्षित और आसान हो। ज्यादातर महिलाएँ चाहती हैं कि उनकी नार्मल डिलीवरी हो ताकि recovery जल्दी हो और शरीर पर ज्यादा असर न पड़े।

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण
गर्भधारण की तैयारी

अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण: शुरुआती संकेत और पहचान

12.09.2025

गर्भधारण की प्रक्रिया में अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण जानना हर महिला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जब ओव्यूलेशन (अंडाणु फटना) के बाद अंडा शुक्राणु से मिलकर फर्टिलाइज होता है, तभी गर्भावस्था की शुरुआत होती है। इस समय कई तरह के शुरुआती प्रेगनेंसी लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें सही समय पर पहचानना महिला को गर्भधारण कन्फर्म करने में मदद करता है।

9 महीने में डिलीवरी लक्षण
गर्भावस्था के लक्षण और बदलाव

9 महीने में डिलीवरी लक्षण: प्रसव के करीब आने के संकेत और तैयारी

11.09.2025

गर्भावस्था का 9वां महीना हर महिला के लिए खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान माँ और बच्चा दोनों डिलीवरी के लिए तैयार होते हैं। गर्भवती महिला के शरीर में कई बदलाव और 9 महीने में डिलीवरी लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जो बताते हैं कि प्रसव का समय नज़दीक है। अगर इन लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए तो प्रसव की तैयारी आसान हो जाती है और माँ-बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

डिलीवरी के बाद क्या खाएं
गर्भावस्था में आहार और पोषण

डिलीवरी के बाद क्या खाएं: सेहतमंद मातृत्व के लिए आवश्यक आहार

10.09.2025

डिलीवरी के बाद मां के शरीर में कई बदलाव आते हैं और उसकी सेहत को खास ध्यान देने की जरूरत होती है। इस दौरान सही आहार न केवल मां की तंदुरुस्ती बढ़ाता है बल्कि बच्चे को स्तनपान के लिए आवश्यक पोषण भी प्रदान करता है। डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बहुत जरूरी होता है ताकि मां जल्दी स्वस्थ हो सके और बच्चे के लिए पर्याप्त दूध बन सके। इस ब्लॉग में "डिलीवरी के बाद क्या खाएं" इस विषय पर पूरी जानकारी दी जाएगी ताकि नई मां अपने पोषण का सही ध्यान रख सकें और मातृत्व का सुखद अनुभव कर सकें।

जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण
गर्भावस्था के लक्षण और बदलाव

जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण: शुरुआती संकेत जो हर गर्भवती महिला के लिए जरूरी जानकारी

09.09.2025

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान माँ और शिशु दोनों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। गर्भावस्था में डिलीवरी सही समय पर होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर जल्दी डिलीवरी (Preterm Delivery) हो जाए तो यह माँ और बच्चे दोनों के लिए कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट (pregnancy test kab kare)
गर्भावस्था के लक्षण और बदलाव

प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) कब और कैसे करें? जानें सही समय और तरीका

08.09.2025

आजकल हर महिला के लिए यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि गर्भधारण के संदेह में प्रेगनेंसी टेस्ट कब और कैसे किया जाए। सही समय और सही तरीका अपनाने से न केवल परिणाम सटीक मिलते हैं, बल्कि मन में उत्पन्न होने वाली कई शंकाएं भी दूर हो जाती हैं। कई बार महिलाएं बिना सही जानकारी के जल्दी टेस्ट कर लेती हैं, जिससे फॉल्स नेगेटिव रिजल्ट आने की संभावना बढ़ जाती है।

पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद उल्टी लगती है
पीरियड्स

पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद उल्टी लगती है? जानें प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण

05.09.2025

मासिक धर्म का रुक जाना यानी पीरियड्स मिस होना महिलाओं के लिए गर्भावस्था का पहला संकेत हो सकता है। अक्सर सवाल उठता है कि पीरियड्स मिस होने के कितने दिन बाद उल्टी लगती है? यह प्रश्न इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उल्टी या मिचली प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षणों में से एक होती है।

पीरियड्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? सही खानपान से राहत पाएं

04.09.2025

मासिक धर्म (Periods) महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक हिस्सा है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे थकान, मूड स्विंग्स, ऐंठन और कमजोरी जैसी समस्याएँ अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में सही खान-पान न सिर्फ आपको ताकत देता है, बल्कि इन लक्षणों को भी कम करने में मदद करता है।

क्या पीरियड्स मिस होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है?
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

क्या पीरियड्स मिस होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है?

04.07.2025

मासिक धर्म महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। जब पीरियड्स समय पर नहीं आते या पीरियड मिस होना जैसी समस्या होती है, तो यह हार्मोनल असंतुलन या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।