पीरियड ज्यादा दिन तक आने के कारण और उपाय
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड ज्यादा दिन तक आने के कारण और उपाय महिलाओं के लिए

20.03.2026

महिलाओं में मासिक धर्म एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 3 से 7 दिनों तक रहती है। लेकिन जब पीरियड्स सामान्य समय से ज्यादा दिनों तक चलने लगते हैं, तो यह चिंता का विषय बन सकता है। पीरियड ज्यादा दिन तक आने के कारण और उपाय को समझना इसलिए जरूरी है ताकि समय रहते सही कदम उठाया जा सके और किसी गंभीर समस्या से बचा जा सके। यह समस्या शरीर के अंदर हो रहे असंतुलन का संकेत भी हो सकती है, जिसे समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

1 महीने में 3 बार पीरियड आना
पीरियड्स

1 महीने में 3 बार पीरियड आना: कारण, लक्षण और इलाज पूरी जानकारी

19.03.2026

महिलाओं में मासिक धर्म (पीरियड्स) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 21 से 35 दिनों के बीच नियमित रूप से होता है। लेकिन अगर किसी महिला को 1 महीने में 3 बार पीरियड आना जैसी समस्या हो रही है, तो यह सामान्य नहीं माना जाता और इसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर हो सकता है। यह स्थिति शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है, जिसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

बच्चेदानी में पानी की गांठ: कारण, लक्षण और इलाज
गर्भधारण की तैयारी

बच्चेदानी में पानी की गांठ क्या है? कारण, लक्षण और इलाज

18.03.2026

महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में बच्चेदानी में पानी की गांठ (Uterus/Ovarian Cyst) एक आम लेकिन ध्यान देने योग्य स्थिति है। यह समस्या तब होती है जब गर्भाशय या ओवरी में तरल पदार्थ से भरी एक थैली (सिस्ट) बन जाती है। कई बार यह गांठ छोटी और बिना दर्द के होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर समस्या का रूप भी ले सकती है। अगर समय रहते इसका पता न चले, तो यह आगे चलकर प्रजनन क्षमता और हार्मोनल संतुलन पर भी असर डाल सकती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।

गर्भ संस्कार

गर्भ संस्कार: एक स्वस्थ और होशियार बच्चे के लिए

गर्भावस्था में सही विचार, सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों से एक बुद्धिमान और स्वस्थ बच्चे का निर्माण।

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान

भारतीय ऋषियों द्वारा गर्भ विद्या, माता-पिता शिक्षा और परिवार सशक्तिकरण के लिए वैदिक विज्ञान मार्गदर्शिका
गर्भधारण की योजना से लेकर बच्चे के जन्म तक हर महत्वपूर्ण चरण में संस्कार और देखभाल के सुझाव।

पीरियड्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड्स में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? सही खानपान से राहत पाएं

04.09.2025

मासिक धर्म (Periods) महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक हिस्सा है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे थकान, मूड स्विंग्स, ऐंठन और कमजोरी जैसी समस्याएँ अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में सही खान-पान न सिर्फ आपको ताकत देता है, बल्कि इन लक्षणों को भी कम करने में मदद करता है।

क्या पीरियड्स मिस होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है?
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

क्या पीरियड्स मिस होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है?

04.07.2025

मासिक धर्म महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। जब पीरियड्स समय पर नहीं आते या पीरियड मिस होना जैसी समस्या होती है, तो यह हार्मोनल असंतुलन या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग – क्या यह सामान्य है?
पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन

पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग – क्या यह सामान्य है?

03.07.2025

पीरियड्स में ब्लीडिंग महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होती है। आमतौर पर पीरियड्स 3 से 7 दिन तक चलते हैं और ब्लीडिंग की मात्रा महिला के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लेकिन यदि पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है या बहुत कम ब्लीडिंग हो रही है, तो यह मासिक धर्म के असंतुलन का संकेत हो सकता है।

अंडाशय की उम्र (Ovarian Age) कैसे जांचें और इसे हेल्दी बनाए रखें?
अंडाशय की गुणवत्ता कैसे सुधारें?

अंडाशय की उम्र (Ovarian Age) कैसे जांचें और इसे हेल्दी बनाए रखें?

25.05.2025

महिला प्रजनन क्षमता को बनाए रखने में अंडाशय की उम्र (Ovarian Age) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ अंडाशय में अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है, जिससे गर्भधारण कठिन हो सकता है। अगर आप जानना चाहती हैं कि "अंडाणु की उम्र कैसे जांचें?", तो ओवेरियन एज टेस्ट और ओवेरियन रिजर्व चेकअप आपकी फर्टिलिटी क्षमता का आकलन करने के लिए जरूरी हैं।

हार्मोनल असंतुलन से अंडाशय की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
अंडाशय की गुणवत्ता कैसे सुधारें?

हार्मोनल असंतुलन से अंडाशय की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ता है?

22.05.2025

अंडाशय (Ovaries) महिला प्रजनन तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो अंडाणु उत्पादन और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन जब हार्मोनल असंतुलन होता है, तो इसका सीधा असर अंडाशय की गुणवत्ता (Ovarian Health) और महिला फर्टिलिटी क्षमता पर पड़ सकता है।

क्या योग और ध्यान अंडाशय की गुणवत्ता सुधार सकते हैं?
अंडाशय की गुणवत्ता कैसे सुधारें?

क्या योग और ध्यान अंडाशय की गुणवत्ता सुधार सकते हैं?

21.05.2025

अंडाशय (Ovaries) महिला प्रजनन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो अंडाणु उत्पादन और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने का काम करता है। अस्वस्थ जीवनशैली, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और बढ़ती उम्र अंडाणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

पीसीओएस और पीसीओडी में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए?
पीसीओएस और पीसीओडी के लिए आहार और उपचार

पीसीओएस और पीसीओडी में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए?

16.05.2025

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) महिलाओं में आम हार्मोनल समस्या हैं। ये अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना जैसी परेशानियां पैदा कर सकती हैं। हालांकि, सही खान-पान अपनाकर इन्हें नियंत्रण में रखा जा सकता है। इस लेख में जानिए कि पीसीओएस और पीसीओडी में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए ताकि आपका हार्मोनल संतुलन बेहतर हो।

क्या लो-कार्ब डाइट पीसीओएस में फायदेमंद होती है?
पीसीओएस और पीसीओडी के लिए आहार और उपचार

क्या लो-कार्ब डाइट पीसीओएस में फायदेमंद होती है?

14.05.2025

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाला एक आम हार्मोनल विकार है, जो अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे, बालों का झड़ना और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। पीसीओएस को प्रबंधित करने के लिए सही आहार और जीवनशैली को अपनाना बेहद जरूरी है।

पीसीओएस के कारण वजन बढ़ना – इसे नियंत्रित करने के प्रभावी तरीके
पीसीओएस और पीसीओडी के लिए आहार और उपचार

पीसीओएस के कारण वजन बढ़ना – इसे नियंत्रित करने के प्रभावी तरीके

13.05.2025

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाला एक आम हार्मोनल विकार है, जो अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, बाल झड़ना, और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। पीसीओएस और वजन बढ़ना एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, क्योंकि यह स्थिति इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन, और धीमी मेटाबॉलिज्म की वजह से वजन को बढ़ाने का कारण बन सकती है।