मां बनने के बाद महिला के जीवन में कई शारीरिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं। इसी दौरान एक सामान्य सवाल उठता है - डिलीवरी के कितने दिन बाद प्रेग्नेंट होती है? क्या शरीर इतनी जल्दी दोबारा गर्भधारण के लिए तैयार हो जाता है या कुछ समय तक पूरी तरह सुरक्षित रहता है? कई महिलाएं यह मान लेती हैं कि जब तक पीरियड शुरू नहीं होते, तब तक प्रेग्नेंसी संभव नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है।
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कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि पीरियड में संबंध बनाने से क्या होता है और क्या यह सुरक्षित है या नहीं। मासिक धर्म के दौरान शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन इससे जुड़े फायदे और संभावित नुकसान को समझना जरूरी है। सही जानकारी होने से आप सुरक्षित और जागरूक निर्णय ले सकते हैं।
गर्भावस्था का नौवां महीना एक खास समय होता है। इस समय माँ का शरीर डिलीवरी की तैयारी कर रहा होता है और कई नए बदलाव महसूस होते हैं। इन्हीं बदलावों में से एक है योनि से सफेद पानी आना। यह अनुभव कई महिलाओं को थोड़ा असहज और चिंतित कर देता है। मन में तुरंत सवाल उठता है, प्रेगनेंसी में 9 महीने में सफेद पानी क्यों आता है, क्या यह सामान्य है या किसी समस्या का संकेत?
दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान
भारतीय ऋषियों द्वारा गर्भ विद्या, माता-पिता शिक्षा और परिवार सशक्तिकरण के लिए वैदिक विज्ञान मार्गदर्शिका
गर्भधारण की योजना से लेकर बच्चे के जन्म तक हर महत्वपूर्ण चरण में संस्कार और देखभाल के सुझाव।

